कहते हैं कि बीमारी और गरीबी किसी दुश्मन को भी न मिले, लेकिन अगर कोई गरीब गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो और कमाने के लायक न रहे, तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल जीवनयापन का होता है। हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सहारा योजना ऐसे ही असहाय लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है।
गंभीर बीमारी में राहत
इस योजना के तहत गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण बिस्तर या घर तक सीमित हो चुके लोगों को 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। प्रदेश भर में बड़ी संख्या में लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
कुसुम कुमारी की प्रेरणादायक कहानी
जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के गांव सम्मू ताल की कुसुम कुमारी कई वर्षों से आंखों की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं।
धीरे-धीरे उनकी आंखों के पर्दे खराब हो गए और नजर पूरी तरह चली गई।
यह लाइलाज बीमारी उन्हें घर तक सीमित कर गई।
उनके पति मदन लाल, जो रेहड़ी लगाकर परिवार चलाते थे, के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।
कॉलेज में पढ़ रहे बेटे की फीस भरना भी मुश्किल हो गया।
कैसे मिली मदद
ऐसे में मदन लाल को मुख्यमंत्री सहारा योजना की जानकारी मिली।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया।
स्वास्थ्य विभाग ने कुसुम की मेडिकल जांच करवाई।
रिपोर्ट के आधार पर योजना में स्वीकृति मिली।
अब कुसुम के खाते में हर महीने 3000 रुपये पेंशन आ रही है, जिससे उनका जीवनयापन आसान हो गया है।
मुख्यमंत्री का आभार
कुसुम और मदन लाल का कहना है कि अगर यह धनराशि न मिलती, तो उन्हें न जाने कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।