संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ के तत्वाधान में शिमला विलो बैंक होटल में आज राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि “चिट्टा पर चोट” नामकरण अत्यंत प्रासंगिक है और यह हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे, विशेषकर चिट्टा, के उन्मूलन के लिए प्रभावी कदम साबित होगा। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए समाज का जागरूक होना सबसे आवश्यक है। विधानसभा सत्र में सभी राजनीतिक दलों द्वारा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर नशा उन्मूलन पर एकजुट होने को उन्होंने सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि चिट्टा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए गंभीर आपदा है। संजीवनी समूह के साथ प्रदेशभर की 17 स्वयंसेवी संस्थाओं का जुड़ना इस आंदोलन को और अधिक शक्तिशाली बनाता है। राज्यपाल ने उपस्थित लोगों से “ना नशा करेंगे, ना नशा करने देंगे” का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने संजीवनी संस्था के प्रयासों की प्रशंसा की और अर्की क्षेत्र की उन महिलाओं की भी तारीफ की, जिन्होंने पिछले एक महीने तक “खेल खिलाओ – नशा भगाओ” अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। राज्यपाल ने कहा कि चिट्टा उन्मूलन की शुरुआत घरों से होनी चाहिए और समाज में संवाद स्थापित कर ही अगली पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
दूसरा सत्र – मानसिक स्वास्थ्य और वैज्ञानिक पहलू
आईजीएमसी की डॉक्टर निधि ने चिट्टा के मनोवैज्ञानिक प्रभाव, परिवार व समाज की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों का उत्तर देकर नशे से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया।
तीसरा सत्र – पुलिस की रणनीति और तकनीकी जानकारी
हिमाचल पुलिस के डीआईजी अरविंद नेगी ने नशा उन्मूलन में पुलिस और समाज की संयुक्त भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे अभियानों, तकनीकी प्रक्रिया और निगरानी तंत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कानूनी सत्र – NDPS से जुड़ी जानकारी
वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष वर्मा ने NDPS कानून, कानूनी अधिकारों, समाज और परिवार की जिम्मेदारियों तथा चिट्टा मामलों में अनुसंधान व कार्रवाई की प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
205 प्रतिनिधियों की सहभागिता, नशा उन्मूलन का संकल्प
प्रदेशभर की 17 सामाजिक संस्थाओं के लगभग 205 प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भाग लिया। अंतिम सत्र में सभी प्रतिभागियों ने “चिट्टा पर चोट” अभियान को सफल बनाने और नशा उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ ली।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
महेंद्र धर्मानी, ओ.पी. शर्मा, पूर्व IAS अधिकारी टी.सी. कपूर, सुरेंद्र ठाकुर, जोगिंदर कंवर, नरेश शर्मा, धर्म प्रकाश, टिक्कू ठाकुर, कमल ठाकुर, रतन ठाकुर, अतुल शर्मा, संदीप ऑक्टा, राकेश शर्मा, मनीष मांडला, विकास नाहर, सुरेश कुमार मुंदरी, प्रदीप, रोहित शर्मा, दीक्षिता, दीक्षा, आरती चौहान, नीलम सरेक, महेंद्र, मुनीश शर्मा, नितिन ठाकुर, चेतन गुलेरिया, कुंदन, संजीव शर्मा, अजय, जोगिंदर सकलानी, विशाल कुमार, दिवेंद्र, नितिन व्यास आदि उपस्थित रहे।
