“चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान के तहत सुन्नी डिग्री कॉलेज में विशेष कार्यशाला आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि नशा युवाओं का भविष्य नष्ट करता है और पिछले एक दशक में चिट्टा मामलों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने “मिशन भरोसा” को अंतर्राज्यीय तस्करों के खिलाफ प्रभावी करार देते हुए युवाओं से नशामुक्ति अभियान से जुड़ने की अपील की। एसपी संजीव गांधी ने कहा कि नशा प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि पतन का कारण बनता है। सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों पर भी उन्होंने आगाह किया।
एडीएम ज्योति राणा ने बताया कि नशे की ओवरडोज से मौतें बढ़ रही हैं और कई युवा चोरी–अपराध जैसे रास्तों पर जा रहे हैं। कार्यक्रम में एसडीएम सुन्नी, प्रधानाचार्य धर्मेंद्र, स्टाफ और छात्र उपस्थित रहे। सभी ने नशा-मुक्त हिमाचल के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।