माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध लागू किए हैं। जिला दंडाधिकारी जतिन लाल द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 19 मार्च से 27 मार्च तक मेले के दौरान कई सख्त नियम लागू रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में दर्शन करने की सुविधा मिल सके।
जारी आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू किए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना है।
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध पूरी तरह लागू रहेगा और उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। मंदिर न्यास को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। इससे मेले के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
प्रशासन ने मेले में ब्रास बैंड, ड्रम, लंबे चिमटे और अन्य तेज आवाज वाले वाद्य यंत्रों के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यदि कोई श्रद्धालु इन वस्तुओं को साथ लेकर आता है, तो उसे पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर पर ही जमा करवाना होगा।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पॉलीथीन के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग दें।
इसके अलावा, मेले के दौरान खुले में या सड़क किनारे लंगर लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय भीड़ नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इसी प्रकार आतिशबाजी पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण प्रणाली भी लागू की गई है। माता श्री चिंतपूर्णी जी के दर्शन के लिए बनाए गए पंजीकरण काउंटर से पर्ची लेना अनिवार्य होगा। इससे श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
प्रशासन द्वारा किए गए इन प्रबंधों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।
हर वर्ष नवरात्र के दौरान माता चिंतपूर्णी मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई हैं।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी किए गए नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। इससे न केवल उनकी यात्रा सुगम होगी, बल्कि अन्य श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि प्रशासन द्वारा लागू किए गए ये नियम श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। यदि सभी लोग इनका पालन करें, तो नवरात्र मेला शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हो सकता है।