श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई और सीवरेज सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रदेश सरकार योजनाबद्ध और प्रतिबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में जल प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संरचना को प्राथमिकता दी जा रही है।
1.17 लाख से अधिक लोगों को मिल रहा सीधा लाभ
जल शक्ति मंडल अंब के अधिशाषी अभियंता होशियार सिंह ने जानकारी दी कि अंब मंडल के अंतर्गत 59 ग्राम पंचायतों के 210 गांव, एक नगर पंचायत और 591 बस्तियों में कुल 1,17,151 लाभार्थियों को पेयजल, सिंचाई और सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
तीन वर्षों में 100 करोड़ के कार्य पूरे
उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग द्वारा लगभग 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूर्ण कर जनता को समर्पित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य विभिन्न चरणों में क्रियान्वित और प्रस्तावित हैं।
प्रमुख परियोजनाएं
इन परियोजनाओं में शामिल हैं—
₹16 करोड़ से श्री चिंतपूर्णी सीवरेज सिस्टम
₹12 करोड़ से श्री चिंतपूर्णी पेयजल योजना
₹16 करोड़ से सोहारी टकोली पेयजल योजना
₹6 करोड़ से अम्बेहड़ा धीरज पेयजल योजना
₹8.5 करोड़ से अमृत मिशन के तहत अम्ब पेयजल योजना
₹4 करोड़ से अम्ब सीवरेज योजना
₹12 करोड़ से सोहारी टकोली डैम सिंचाई नेटवर्क
₹12 करोड़ की नाबार्ड सिंचाई योजना
₹7 करोड़ से अम्ब क्षेत्र में तटीकरण कार्य
रिकॉर्ड समय में विकास: सुदर्शन सिंह बबलू
चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने रिकॉर्ड समय में विकास कार्यों को धरातल पर उतारा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिससे क्षेत्र का आधारभूत ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा।
बेहड़ जस्वां पेयजल योजना का लोकार्पण
हाल ही में जल शक्ति विभाग का दायित्व संभाल रहे मुकेश अग्निहोत्री ने बेहड़ जस्वां में ₹4.15 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इससे बेहड़ जस्वां और त्याई पंचायतों के सात गांवों की लगभग 2700 आबादी को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।
सरकार का लक्ष्य: हर खेत को पानी
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मूल लक्ष्य हर खेत को पानी और हर घर को नल से जल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि ऊना जिले में जल शक्ति विभाग के माध्यम से लगभग 1000 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं।