ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने रविवार को चमियाणा पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्थानीय पंचायत ने अपनी जमीन और अधिकारों को संभालकर मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 2000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से पंचायत की सभी सड़कें होंगी पक्की
मंत्री ने कहा कि कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 230 सड़कें बन रही हैं, जिनमें से 80 को हाल ही में एफआरए की मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि चमियाणा पंचायत के तहत सभी सड़कों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से पक्का किया जाएगा।
कसुम्पटी में खुलنے जा रहा नया लोक निर्माण डिवीजन
उन्होंने बताया कि कसुम्पटी-भट्ठाकुफर में नया पीडब्ल्यूडी डिवीजन खोलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके लिए 4.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बिजली विभाग के तहत कई नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं।
भट्ठाकुफर में टनल कार्य से उत्पन्न समस्या पर कार्रवाई
अनिरुद्ध सिंह ने भट्ठाकुफर में सड़क धंसने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 32 मीटर नीचे टनल निर्माण कार्य के चलते यहां दरारें आई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच शुरू हो चुकी है और गड्ढा भरने से पहले पूरी जांच पूरी की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएचएआई की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नई प्रशासनिक सुविधाओं की घोषणा
भट्ठाकुफर में कानूनगो सर्किल स्थापित किया जाएगा।
नया पटवार सर्किल भी खोला जाएगा।
संजौली पटवार सर्किल का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू।
घोषणाएँ
छकड़ायाल में कम्युनिटी सेंटर के लिए 5 लाख रुपये
महिला मंडल मलूठी को 50 हजार रुपये
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन
नया पंचायत घर लोकार्पित
मंत्री ने 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से बने नए पंचायत घर का उद्घाटन किया, जिसमें सम्मेलन कक्ष, सभागार, कार्यालय, पुस्तकालय और रसोई सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन/शिलान्यास
1 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से बना 25.50 मीटर स्पैन पुल (टिपरा–जगरोटी सड़क)
चमियाणा उठाऊ जलापूर्ति योजना
पशु चिकित्सा भवन
किरतपुर–बखोला सड़क
छकड़याल से रिउंदली सड़क
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।