उद्योग, संसदीय मामले, श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्धन चौहान आज शिलाई विधानसभा क्षेत्र के पश्मी में होने वाली श्री चालदा महासू महाराज की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा के शुभारंभ हेतु उत्तराखंड के दसऊ स्थित मंदिर पहुँचे। उनके साथ पश्मी मंदिर कमेटी के सदस्य, शिलाई क्षेत्र के ग्रामीण तथा मंदिर समिति के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दसऊ पहुंचने पर उद्योग मंत्री तथा हिमाचल से आए प्रतिनिधियों का पारंपरिक व भव्य स्वागत किया गया। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र और पश्मी गांव के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का अवसर है कि श्री चालदा महासू महाराज पहली बार हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं और आगामी एक वर्ष तक पश्मी में विराजमान रहेंगे। उन्होंने कहा कि महासू देवता के प्रति हिमाचल और देहरादून क्षेत्र में अपार आस्था है तथा यह प्रवास यात्रा पूरे क्षेत्र के लिए आशीर्वाद समान है।
13–14 दिसंबर का यात्रा कार्यक्रम
उद्योग मंत्री ने बताया कि—13 दिसंबर की शाम को देवता मीनस मार्ग से हिमाचल में प्रवेश करेंगे और द्राबील में रात्रि विश्राम होगा। 14 दिसंबर को दोपहर बाद देवता पश्मी के लिए प्रस्थान करेंगे, जहाँ पूरे क्षेत्र द्वारा भव्य स्वागत की तैयारियाँ पूर्ण हैं।
यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध
हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि प्रवास यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए मजबूत तैयारियाँ की गई हैं—
व्यवस्थाओं के संचालन हेतु विभिन्न समितियाँ गठित की गई हैं।
100 से अधिक पुलिस जवान और गृह रक्षक सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया जाएगा।
यातायात व्यवस्था हेतु संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी हुए हैं।
उन्होंने लोगों से विनम्रता, अनुशासन, आस्था और शांति के साथ इस दिव्य यात्रा में सहभागिता की अपील की।
हजारों लोगों की उपस्थिति में भव्य बारात
उद्योग मंत्री के साथ आज दसऊ से पश्मी के लिए निकली भव्य बारात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। प्रमुख उपस्थितियों में—सीता राम शर्मा (अध्यक्ष मार्केटिंग कमेटी), एसडीएम शिलाई जसपाल, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति प्रदीप चौहान, ओएसडी अतर राणा, बारू राम डिमेदार, भंडारी रघुवीर सिंह, वजीर दिनेश प्रकाश, प्रधान मदन शर्मा, तथा शिलाई क्षेत्र के विभिन्न गांवों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल रहे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यह आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम है, जो आने वाले पूरे वर्ष पश्मी क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा।