हिमाचल प्रदेश के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी नई दिल्ली में एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वर्ष 2014 से 2026 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को दिए गए वित्तीय हस्तांतरणों और विकास निवेशों की तुलना 2004-14 की अवधि से करते हुए विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने किया। इस अवसर पर शिमला से सांसद सुरेश कश्यप, कांगड़ा से सांसद राजीव भारद्वाज, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन तथा सिकंदर कुमार उपस्थित रहे।
🟦 केंद्र ने हिमाचल की दिल खोलकर मदद की : अनुराग ठाकुर
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को अभूतपूर्व सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान छीना गया विशेष राज्य का दर्जा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल को पुनः प्रदान किया। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी मात्र 12,639 करोड़ रुपये थी, जबकि 2014 से 2026 के दौरान यह बढ़कर 76,799 करोड़ रुपये हो गई। यूपीए काल में केंद्र से हिमाचल को कुल 50,298 करोड़ रुपये का अनुदान मिला, वहीं मोदी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
🟦 वित्त आयोग में हिमाचल का हिस्सा बढ़ा
अनुराग ठाकुर ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल का शुद्ध संघीय करों में हिस्सा 0.830 प्रतिशत से बढ़कर 0.914 प्रतिशत हो गया है। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2026-27 में हिमाचल को केंद्रीय कर हस्तांतरण के रूप में लगभग 13,947 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 2300 करोड़ रुपये अधिक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2004-14 में जहां 1,549 करोड़ रुपये जारी हुए थे, वहीं 2014-26 के दौरान यह राशि बढ़कर 6,895 करोड़ रुपये हो गई।
🟦 ब्याज मुक्त ऋण और स्थानीय निकायों को बड़ी राहत
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत 2020-21 से जनवरी 2026 तक हिमाचल को लगभग 8,309 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त 50 वर्षीय ऋण दिया गया। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों को 3,744 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है, जो 15वें वित्त आयोग की तुलना में लगभग दोगुना है।
🟦 केंद्रीय संस्थानों और औद्योगिक परियोजनाओं से मजबूती
उन्होंने बताया कि 2014 के बाद हिमाचल में एम्स बिलासपुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईएम सिरमौर, आईआईआईटी ऊना, नए मेडिकल कॉलेजों, ऊना बल्क ड्रग पार्क और नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाएं स्थापित हुई हैं, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को बल मिला है।
🟦 रेल और सड़क कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक उछाल
सांसदों ने बताया कि वर्ष 2026-27 में हिमाचल के लिए रेलवे बजट 2,911 करोड़ रुपये रखा गया है। राज्य में 255 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही जून 2025 तक हिमाचल में 2,600 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है।
🟦 डेवोल्यूशन घटा नहीं, बढ़ा है
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे “अन्यायपूर्ण कटौती” के आरोप तथ्यहीन हैं। 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल का हिस्सा बढ़ाया है और यह बदलाव निष्पक्ष, फॉर्मूला आधारित है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान को संक्रमणकालीन व्यवस्था के रूप में समाप्त किया गया है ताकि राज्यों को संरचनात्मक सुधारों के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि मोदी सरकार सहकारी संघवाद में विश्वास रखती है और विपक्ष शासित राज्यों को भी समान रूप से लाभ मिल रहा है।
