हमीरपुर में जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

rakesh nandan

18/03/2026

जिला हमीरपुर में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला बुधवार को हमीर भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस कार्यशाला का आयोजन जनगणना निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा किया गया, जिसमें जिला के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनगणना-2027 की प्रक्रियाओं, विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों के उपयोग, से अधिकारियों को भली-भांति अवगत करवाना था, ताकि आने वाले समय में जनगणना कार्य को त्रुटिरहित और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

कार्यशाला में जनगणना चार्ज अधिकारी के रूप में सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निगम हमीरपुर तथा अन्य शहरी निकायों के अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के अंतिम दिन जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक प्रियांशु तिवारी, नोडल अधिकारी अजय सोलंकी और हिमांशु यादव ने प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने अधिकारियों को जनगणना-2027 के तहत अपनाई जाने वाली तीन प्रमुख डिजिटल प्रक्रियाओं के बारे में बताया और उनका व्यावहारिक अभ्यास भी करवाया। अधिकारियों को मोबाइल आधारित डेटा संग्रहण, जियो-टैगिंग और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।

अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना-2027 भारत की 16वीं जनगणना होगी और यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके तहत पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिसे सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल कहा जाता है।

इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी सीधे सिस्टम में दर्ज कर सकेंगे। हालांकि, इस प्रक्रिया में संबंधित प्रगणक द्वारा पुष्टि अनिवार्य होगी, ताकि डेटा की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

इसके अतिरिक्त, मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रहण की सुविधा भी दी गई है, जिसमें जियो-टैगिंग का विकल्प उपलब्ध होगा। यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी डेटा संग्रहण में कोई बाधा नहीं आएगी।

जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल के माध्यम से अधिकारी जनगणना कार्य की प्रगति पर निरंतर नजर रख सकेंगे। इससे कार्य की पारदर्शिता और निगरानी दोनों सुनिश्चित होंगी।

जिला हमीरपुर में जनगणना प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 12 मई से 11 जून तक सभी मकानों और भवनों की सूची तैयार की जाएगी। इसके लिए नागरिकों को 27 अप्रैल से 11 मई तक स्वयं जानकारी भरने का अवसर दिया जाएगा।

दूसरे चरण की शुरुआत फरवरी 2027 में होगी, जिसमें जनसंख्या गणना के तहत प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक और आर्थिक जानकारी एकत्रित की जाएगी।

जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित लगभग 30 प्रश्नों के अंतर्गत 34 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाएंगी। ये आंकड़े देश की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के वितरण के लिए आधार का कार्य करेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी बताया गया कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि डिजिटल प्रक्रियाओं के व्यावहारिक अभ्यास से उन्हें कार्य की बारीकियों को समझने में काफी मदद मिली है।

यह कार्यशाला प्रशासन की उस तैयारी को दर्शाती है, जिसके माध्यम से जनगणना-2027 को आधुनिक तकनीकों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।