बिलासपुर में जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू

rakesh nandan

06/03/2026

बिलासपुर में जनगणना-2027 के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू

बिलासपुर में जनगणना-2027 के प्रथम चरण ‘गृह सूचीकरण कार्य’ के सफल संचालन के लिए तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डीआरडीए सभागार में आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन दीपशिखा शर्मा ने किया। कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय के सौजन्य से किया जा रहा है। इस अवसर पर राहुल कुमार भी उपस्थित रहे।


प्रशिक्षण का उद्देश्य

दीपशिखा शर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को गृह सूचीकरण प्रक्रिया, डिजिटल प्लेटफार्मों और नवीन तकनीकों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के पहले चरण को सही, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।


डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी, जिनमें शामिल हैं:

  • सीएमएमएस पोर्टल (CMMS Portal)

  • एचएलओ – हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO)

  • एचएलबीसी ऐप (HLBC App)

इन प्लेटफार्मों के माध्यम से फील्ड स्तर पर वास्तविक समय में डेटा संग्रह, निगरानी और विश्लेषण को आसान बनाया जाएगा। इसके अलावा गांवों की सीमाओं, पर्यवेक्षण क्षेत्रों और प्रशासनिक इकाइयों के निर्धारण की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


जनगणना का महत्व

दीपशिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है।

जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस अभियान के दौरान “जनगणना से जन कल्याण” का संदेश भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने के लिए आधारभूत जानकारी प्रदान करते हैं।


निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन में भी उपयोग

जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग कई महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है, जैसे:

  • संसद और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन

  • पंचायतों और स्थानीय निकायों की सीटों का निर्धारण

  • विकास योजनाओं का निर्माण

  • सामाजिक और आर्थिक नीतियों का निर्धारण

इस प्रकार जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।


लोगों से पूछे जाएंगे 34 प्रश्न

उपायुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि जनगणना के दौरान लोगों से कुल 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सही और विश्वसनीय डेटा सुनिश्चित करने के लिए एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाए, जिससे फील्ड स्तर की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।


मकान सूचीकरण चरण का महत्व

इस अवसर पर सहायक निदेशक जनगणना अनिल कुमार ने बताया कि पहला चरण यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस चरण के माध्यम से निम्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है:

  • मानव बस्तियों की स्थिति

  • आवासीय कमी और जरूरतें

  • परिवारों में उपलब्ध सुविधाएं

  • परिवारों की परिसंपत्तियां

ये आंकड़े आवास नीतियों और विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


दूसरा चरण होगा जनसंख्या गणना

उन्होंने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस चरण में देश के प्रत्येक व्यक्ति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी एक निश्चित समय बिंदु पर एकत्र की जाएगी। यह जानकारी नीतियों और कार्यक्रमों के निर्माण के साथ-साथ प्रशासन, उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान और चुनावी प्रक्रिया के लिए भी अत्यंत उपयोगी होती है।


कई अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, सांख्यिकी अन्वेषक अधिकारी ग्रेड-2 आनंद सोनी, कपिल, जिले के एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार (योजना) तथा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी शामिल रहे।