नाहन में जनगणना-2027 के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
नाहन के बचत भवन में आज जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रियंका वर्मा, उपायुक्त सिरमौर एवं प्रधान जनगणना अधिकारी ने की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तर के जनगणना चार्ज लेवल अधिकारी शामिल हुए। इनमें उपमंडल अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा शहरी निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
पहले चरण में
मकान सूचीकरण
मकानों की गणना
की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिले में प्रथम चरण की जनगणना 12 मई से 10 जून के बीच आयोजित की जाएगी। वहीं द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना 09 फरवरी से 05 मार्च 2027 के मध्य संपन्न होगी।
बर्फीले क्षेत्रों में पहले होगी जनगणना
उपायुक्त ने बताया कि जिला सिरमौर के कुछ बर्फीले क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए जनसंख्या गणना का कार्य पहले ही किया जाएगा। इन क्षेत्रों में द्वितीय चरण की जनगणना 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच करवाई जाएगी, ताकि कठिन मौसम की स्थिति में भी जनगणना कार्य समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसे सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से समयबद्ध और सटीक तरीके से पूरा करना आवश्यक है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि वे जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग दें और प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ही विभिन्न विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर:
निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
पंचायतों की सीटों का निर्धारण
स्थानीय निकायों की संरचना
जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत नागरिक आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए नागरिक 27 अप्रैल से 11 मई 2026 के बीच वेबसाइट के माध्यम से अपनी जानकारी प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जनगणना से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर अधिकारियों को संबोधित करते हुए:
आशीष चौहान
नरेंद्र शर्मा
सूरज धीमान
ने जनगणना कार्य की विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जनगणना चार्ज लेवल अधिकारियों, विभिन्न विभागों और प्रशासनिक इकाइयों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
अधिकारियों के प्रश्नों का किया समाधान
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों द्वारा जनगणना से जुड़े विभिन्न प्रश्न भी उठाए गए। प्रशिक्षकों ने इन सभी प्रश्नों का विस्तार से समाधान करते हुए अधिकारियों को सही दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं ताकि जनगणना-2027 का कार्य पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा सके।