जनगणना-2027 डिजिटल, शिमला में प्रशिक्षण शुरू

rakesh nandan

01/03/2026

जनगणना-2027 के प्रथम चरण हेतु शिमला में प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू

शिमला में भारत की आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ बचत भवन में किया गया। यह प्रशिक्षण 1 मार्च से 3 मार्च तथा 5 मार्च से 7 मार्च 2026 तक दो बैचों में आयोजित किया जाएगा। निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय दीप शिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। इस बार डाटा संग्रहण मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेगी।

दो चरणों में होगी जनगणना

भारत में जनगणना प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित की जाती है। वर्ष 2011 के बाद अगली जनगणना 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण (एचएलओ) हिमाचल प्रदेश में 12 मई से 11 जून 2026 तक संचालित होगा। द्वितीय चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में ही पूरा किया जाएगा।

डिजिटल प्रणाली से होगा डेटा संकलन

जनगणना-2027 में स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। निर्धारित तिथि से 15 दिन पूर्व पोर्टल सक्रिय किया जाएगा। नागरिक लॉगिन कर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें स्व-गणना आईडी प्रदान की जाएगी, जिसका सत्यापन प्रगणक द्वारा किया जाएगा। मैदान स्तर पर प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संकलन करेंगे। मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर वेब पोर्टल से ब्लॉकों का सृजन किया जाएगा, जबकि जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल से मॉनिटरिंग की जाएगी।

राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। यह प्रशासनिक विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा भी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण दायित्व को ईमानदारी और तय मानकों के अनुसार समय सीमा में पूरा करें। प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

ऐतिहासिक महत्व

भारत की जनगणना को दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक माना जाता है। आगामी जनगणना वर्ष 2027 में आयोजित की जाएगी, जो वर्ष 1872 से 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। जनगणना देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और अन्य महत्वपूर्ण मानकों पर सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा एकल स्रोत है। यह डेटा नीतियों के निर्माण, संसाधनों के वितरण और विकास योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यशाला में अधिकारियों की भागीदारी

प्रशिक्षण कार्यशाला में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, सभी एसडीएम, अंडर सेक्रेटरी जीएडी प्रोमिला शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी नारायण सिंह वर्मा सहित जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना लिपिक, नगर जनगणना अधिकारी और चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल प्रणाली, डेटा सुरक्षा, मोबाइल ऐप के उपयोग और वेब पोर्टल संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।