CAS बहाली को लेकर शिक्षकों का प्रदेशभर में प्रदर्शन

rakesh nandan

17/03/2026

कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत लंबित पदोन्नतियों की बहाली की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक शामिल हुए और सरकार से अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।

यह विरोध प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में आयोजित किए गए। तीनों स्थानों पर शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और लंबित CAS पदोन्नतियों को तुरंत प्रभाव से बहाल करने की मांग उठाई।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से CAS पदोन्नतियों को रोके रखना शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मुद्दे का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनका अधिकार मिल सके।

धरने के दौरान डॉ. अशोक बंसल ने कहा कि सरकार को इस विषय पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो शिक्षकों को आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

डॉ. शशिकांत ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि CAS पदोन्नतियों की बहाली में और देरी की गई, तो प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ विषय है।

डॉ. संजय ने अपने संबोधन में कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री को स्वयं हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक उच्च स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक समाधान संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाए।

डॉ. सुरेंद्र ने कहा कि सरकार जानबूझकर शिक्षकों की मांगों की अनदेखी कर रही है, जो कि उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को मजबूर न किया जाए कि वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करें।

उधर हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में भी शिक्षकों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को इन्हें तुरंत मान लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि CAS पदोन्नतियां शिक्षकों के करियर विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इन्हें लंबे समय तक लंबित रखना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है। इस दौरान डॉ. दिनेश करोफा और जॉइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष प्रो. जनार्दन सिंह ने भी सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल करे।

इसी प्रकार सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में भी शिक्षकों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहराया। डॉ. सुनील के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।

जॉइंट एक्शन कमेटी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ही CAS पदोन्नतियों की बहाली का निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

यह मुद्दा अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा प्रश्न बन चुका है। यदि सरकार समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं करती है, तो इसका असर शिक्षण कार्य और शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ सकता है।

अंत में शिक्षकों ने सरकार से संवाद स्थापित करने और उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की, ताकि प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावित न हो और शिक्षकों को उनका अधिकार मिल सके।