डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू, मंत्रिगण एवं कांग्रेस विधायकों पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में लाखों बीपीएल परिवारों को सुनियोजित तरीके से सरकारी योजनाओं से बाहर किया जा रहा है।
📝 बीपीएल चयन प्रक्रिया पर सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि बीपीएल चयन के लिए नए नियम बनाकर, बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के, जिलाधीशों के माध्यम से आनन-फानन में बीपीएल सूचियों से नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जिलों में हाल ही में प्रकाशित सूचियों में करीब 90 प्रतिशत पुराने बीपीएल परिवारों के नाम गायब कर दिए गए हैं, जो किसी सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय गरीबों को योजनाओं से बाहर करने की साजिश को दर्शाता है।
पंचायती प्रतिनिधियों की अनदेखी
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस पूरी चयन प्रक्रिया में पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों—वार्ड पंच, प्रधान, उप-प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्यों—को विश्वास में नहीं लिया गया। न कोई बैठक बुलाई गई और न ही जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था का खुला अपमान बताया।
प्रभावित गरीब परिवारों के नाम सार्वजनिक
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा ने तथ्यों के साथ प्रभावित गरीब परिवारों के नाम भी सार्वजनिक किए हैं। नाहन विकास खंड सहित विभिन्न पंचायतों में आशा देवी, सद्दीक, पार्वती देवी, रजनी, अनीता देवी, निश्चा देवी, जतीन चौहान, नीलम ठाकुर, अलखदेव सिंह, राजेंद्र सिंह, बनारसी दास, जाहिदा, कमला देवी और जद्वी देवी सहित दर्जनों वास्तविक गरीब परिवारों के नाम बीपीएल सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये केवल उदाहरण हैं, जबकि वास्तविक संख्या हजारों में है और पूरी सूची भाजपा द्वारा संलग्न की गई है।
ग्रामीण विकास पर ब्रेक, पंचायत चुनाव टालने का आरोप
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह ठप कर दिए गए हैं। पंचायतों के लिए जारी विकास धनराशि वापस मंगवा ली गई है और शेष राशि से होने वाले कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे सड़कों, पानी, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में दिए गए बयान के अनुसार कांग्रेस सरकार अगले छह महीनों तक पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहती, जो असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।
रोजगार योजनाओं पर भी हमला: भाजपा
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा के कार्य लगभग बंद कर दिए गए हैं और केंद्र सरकार की वीबी–जी राम जी योजना को भी प्रदेश में लागू नहीं किया गया। इससे गरीबों को मिलने वाली 125 दिन की रोजगार गारंटी से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है।
भाजपा का ऐलान
डॉ. राजीव बिंदल ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस सरकार की गरीब विरोधी नीतियों को नामों, दस्तावेज़ों और तथ्यों के साथ जनता के सामने लाया जाएगा और गरीबों, पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीण हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।
