जिला सिरमौर में एक सामाजिक संगठन द्वारा किए गए रक्तदान अभियान ने मानवता की मिसाल पेश की है। इस अभियान के तहत कुल 37 यूनिट रक्तदान किया गया, जिससे कई जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिला। यह सेवा कार्य न केवल नाहन मेडिकल कॉलेज तक सीमित रहा, बल्कि अन्य बड़े अस्पतालों तक भी इसका विस्तार हुआ।
जानकारी के अनुसार, कुल 37 यूनिट रक्तदान में विभिन्न ब्लड ग्रुप शामिल रहे। इनमें A+ के 3 यूनिट, O+ के 6 यूनिट, AB+ का 1 यूनिट, B+ के 6 यूनिट, AB- का 1 यूनिट, A- के 2 यूनिट और O- के 3 यूनिट शामिल हैं। यह विविधता दर्शाती है कि रक्तदान अभियान में सभी प्रमुख ब्लड ग्रुप उपलब्ध करवाए गए, जो मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
इस अभियान का अधिकांश रक्तदान Nahan स्थित मेडिकल कॉलेज में किया गया, जहां कई मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। इसके अलावा कुछ यूनिट्स अन्य प्रमुख अस्पतालों में भी उपलब्ध करवाई गईं।

PGI Chandigarh में O+ ब्लड की 1 यूनिट पुलकित अग्रवाल और 1 यूनिट मृणाल अरोड़ा द्वारा दान की गई। वहीं पंचकूला स्थित अलकेमिस्ट अस्पताल में हरजीत सिंह द्वारा O- प्लेटलेट्स दान किए गए, जो गंभीर मरीजों के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

इसके अतिरिक्त कमांड अस्पताल चंडीमंदिर में अवकाश सिंह और निकेश ने A- ब्लड डोनेट किया, जबकि IGMC Shimla में विजय शर्मा और रवीश शर्मा ने O+ ब्लड दान किया।
इस अभियान की एक खास बात यह रही कि दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स की जरूरत को भी समय पर पूरा किया गया। कई मामलों में संगठन के सदस्यों ने अन्य शहरों जैसे पंचकूला और मोहाली में भी रक्त की व्यवस्था करवाई।

ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष Salman Khan ने तीन यूनिट्स की व्यवस्था करवाई, जबकि अखिल माहेश्वरी ने दो यूनिट्स मोहाली और पंचकूला में सिरमौर के मरीजों के लिए उपलब्ध करवाईं।

इसी तरह कपिल नेगी ने IGMC शिमला में A+ की 1 यूनिट और PGI चंडीगढ़ में O+ की 2 यूनिट्स की आवश्यकता को पूरा कराया।

इस पूरे अभियान में शामिल सभी सदस्यों ने दिन-रात मेहनत कर जरूरतमंदों तक समय पर रक्त पहुंचाने का कार्य किया। यह सामूहिक प्रयास दर्शाता है कि यदि समाज एकजुट होकर कार्य करे, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि रक्तदान जैसे अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मानवता की सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इससे न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलता है, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत होती है।

कुल मिलाकर, यह रक्तदान अभियान एक प्रेरणादायक पहल है, जो यह संदेश देता है कि “रक्तदान महादान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सशक्त माध्यम है।
