दिल्ली AI समिट विवाद पर शिमला में भाजयुमो का प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट’ के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित हंगामे के विरोध में शिमला में Bharatiya Janata Party Yuva Morcha (भाजयुमो) ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री Sushil Kadsholi ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और Rahul Gandhi के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शन में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित भारद्वाज, महासू जिला अध्यक्ष नवजोत शर्मा और शिमला जिला अध्यक्ष सुमित ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने अनुशासित तरीके से प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस की नीतियों का विरोध दर्ज कराया।
‘विकास विरोधी मानसिकता’ का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए सुशील कदशोली ने कहा कि जब पूरा विश्व भारत की तकनीकी प्रगति और AI के क्षेत्र में बढ़ते कदमों की सराहना कर रहा है, तब कांग्रेस अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत देश की साख को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली AI समिट केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उनके अनुसार, इस तरह का विरोध भारत के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
‘नकारात्मक राजनीति’ पर निशाना
सुशील कदशोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति सदैव विकास विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हंगामा करना देश की कूटनीतिक गरिमा के प्रतिकूल है। कदशोली ने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और AI युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उत्पन्न करते हैं, और इस क्षेत्र में व्यवधान डालना युवा शक्ति के हितों के खिलाफ है।
उठाए गए मुख्य मुद्दे
प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने तीन प्रमुख बिंदुओं को सामने रखा:
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़: तकनीक और नवाचार में बाधा डालना देश की युवा शक्ति का अपमान है।
वैश्विक छवि को ठेस: विदेशी प्रतिनिधियों के सामने हंगामा करना देश की प्रतिष्ठा के विरुद्ध है।
जवाबदेही की मांग: राहुल गांधी से कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की गई।
आगे जनजागरण अभियान की चेतावनी
भाजयुमो नेताओं ने कहा कि यदि कांग्रेस अपनी कथित नकारात्मक राजनीति से पीछे नहीं हटती, तो युवा मोर्चा प्रदेश भर में जनजागरण अभियान चलाएगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी युवाओं और राष्ट्रहित के मुद्दों पर सजग रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
AI समिट से जुड़े विवाद के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजयुमो के इस प्रदर्शन ने शिमला में राजनीतिक वातावरण को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
निष्कर्ष
दिल्ली AI समिट में हुए कथित हंगामे के विरोध में शिमला में आयोजित भाजयुमो का यह प्रदर्शन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुशील कदशोली ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इसे देश की तकनीकी प्रगति के खिलाफ कदम बताया। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर आगे राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ता है।