भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश की कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। बढ़ते गन-कल्चर, गैंगवार और राजनीतिक गुटबाजी ने हिमाचल की शांत छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने ऊना में युवा कांग्रेस नेता आशु पुरी की गोली मारकर की गई हत्या को प्रदेश में बढ़ते अपराध और कमजोर प्रशासन का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि रायजादा होटल की पार्किंग में जन्मदिन की पार्टी से शुरू हुआ विवाद जिस तरह कुछ मिनटों में कहर में बदल गया, वह बेहद भयावह और सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। एफआईआर के अनुसार, आरोपी परमिंदर सिंह ने पूर्व युवा कांग्रेस नेता गुरजीत मान के इशारे पर आशु पुरी को ताबड़तोड़ गोलियां मारीं। आशु के गिरने के बाद भी गोलियां चलती रहीं, जो टारगेटेड मर्डर को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि हैरानी की बात यह है कि हत्या कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सतपाल रायजादा के होटल में हुई और दोनों गुट भी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि जब कांग्रेस नेताओं के अपने होटल सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित होगी?
कपूर ने कहा कि यह मामला कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गग्गी हत्याकांड जैसी घटनाओं ने क्षेत्र में गैंगस्टर कल्चर की बढ़ती पकड़ को उजागर किया है। हिमाचल, जिसे शांति और सद्भाव की देवभूमि कहा जाता है, आज अपराध और राजनीतिक रंजिशों की आग में जलती दिख रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करना भर पर्याप्त नहीं है। न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। कांग्रेस सरकार का कमजोर और दिशाहीन प्रशासन प्रदेश की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि हिमाचल की पहचान और सामाजिक शांति पर गहरा आघात है। भाजपा सरकार से मांग करती है कि बढ़ते अपराधों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाए।