बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरा

rakesh nandan

16/05/2026

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता Sandeepani Bhardwaj ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में बढ़ोतरी और अतिरिक्त सेस लगाए जाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर व्यापारियों, होटल कारोबारियों, निजी संस्थानों और आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश की जनता से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद लगातार बिजली की दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर प्रति यूनिट अतिरिक्त एक रुपये का सेस लगाकर कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं पर नया आर्थिक बोझ डाल दिया है। उनके अनुसार इस फैसले से प्रदेश के दो लाख से अधिक व्यावसायिक उपभोक्ता सीधे प्रभावित होंगे।

उन्होंने नई बिजली दरों का उल्लेख करते हुए कहा कि 0 से 20 यूनिट तक की दर 6.39 रुपये से बढ़ाकर 7.39 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसी प्रकार 20 से 100 यूनिट तक की बिजली दर 6.30 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।

संदीपनी भारद्वाज ने बताया कि 100 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 6.20 रुपये से बढ़ाकर 7.20 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापारिक गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को प्रभावित करेगी।

भाजपा प्रवक्ता के अनुसार निजी अस्पताल, होटल, शिक्षण संस्थान, शॉपिंग मॉल, निजी कार्यालय और छोटे व्यापारी इस निर्णय से सबसे अधिक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि बिजली महंगी होने से व्यवसायिक खर्च बढ़ेगा और इसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण बाजार में महंगाई और बढ़ सकती है। व्यापारिक संस्थानों के बढ़ते खर्च का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश पर रिकॉर्ड स्तर का कर्ज बढ़ चुका है और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं का बोझ टैक्स और सेस के माध्यम से जनता पर डाल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पहले पानी के बिलों में बढ़ोतरी की, फिर डीजल और पेट्रोल पर बोझ बढ़ाया, स्टांप ड्यूटी बढ़ाई और एचआरटीसी किराए में भी वृद्धि की। अब बिजली पर अतिरिक्त सेस लगाकर जनता को और परेशान किया जा रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि अतिरिक्त सेस से विकास कार्य किए जाएंगे, लेकिन प्रदेश में विकास की स्थिति पूरी तरह ठप दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न नए संस्थान खोले जा रहे हैं, न सड़कों का निर्माण हो रहा है और न ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और प्रशासनिक अव्यवस्था का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब कांग्रेस सरकार की नीतियों और चुनावी गारंटियों को समझ चुकी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यापारी, कर्मचारी, युवा और आम लोग लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ से परेशान हैं। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय लगातार नए कर और शुल्क लगा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिजली दरों और अतिरिक्त सेस का मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।