भाजपा विधायक दल ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट कर प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विधायक क्षेत्र विकास निधि, ऐच्छिक निधि तथा विपक्षी विधायकों की विकास प्राथमिकताओं को लंबित रखने का गंभीर मुद्दा उठाया गया।
🟦 विधायक निधि जारी न होने पर जताई चिंता
ज्ञापन में राज्यपाल को अवगत करवाया गया कि प्रदेश सरकार अक्तूबर 2025 के बाद से विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी नहीं कर रही है, जिसके कारण विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनता से किए गए विकास कार्यों के वायदों को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा विधायक दल ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण भारी नुकसान हुआ है और ऐसे समय में विधायक निधि विकास एवं पुनर्स्थापना कार्यों के लिए अत्यंत आवश्यक थी। इसके बावजूद बजट में प्रावधान होने के बाद भी सरकार ने केवल आधी निधि जारी कर शेष राशि रोक दी।
🟦 ऐच्छिक निधि पर भी रोक का आरोप
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विधायकों की ऐच्छिक निधि समय पर जारी नहीं की जा रही है, जिससे गरीब, बीमार और आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। इससे जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
🟦 विकास प्राथमिकताओं की DPR न बनाने का आरोप
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में परंपरा रही है कि विधायकों से विकास कार्यों की प्राथमिकताएं ली जाती हैं और वे पीडब्ल्यूडी तथा जल शक्ति विभाग में दर्ज की जाती हैं। लेकिन पिछले तीन वर्षों से विपक्षी विधायकों द्वारा दी गई प्राथमिकताओं पर न तो डीपीआर बनाई जा रही है और न ही उन्हें नाबार्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कहीं डीपीआर बनी भी है तो उसे आगे बढ़ाने के बजाय जानबूझकर रोक दिया गया है। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था और समान विकास की भावना के विपरीत है।
🟦 राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायक निधि की केवल दो किश्तें 55-55 लाख रुपये ही जारी की गई हैं, जबकि शेष राशि रोकी गई है। कई मामलों में स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद भी ट्रेजरी स्तर पर भुगतान रोक दिया गया है। भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि तुरंत जारी की जाए तथा विपक्षी विधायकों की विकास प्राथमिकताओं की डीपीआर बनाकर नाबार्ड को भेजी जाए, ताकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
🟦 ये विधायक रहे उपस्थित
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष के साथ विधायक विपिन परमार, सतपाल सत्ती, विक्रम ठाकुर, रणधीर शर्मा, डी.एस. ठाकुर, राकेश जम्वाल, पवन काजल, सुखराम चौधरी, दिलीप ठाकुर, इंदर सिंह गांधी, डॉ. जनक राज, दीप राज कपूर, लोकेंद्र कुमार, प्रकाश राणा, रीना कश्यप, त्रिलोक जमवाल, इंद्र दत्त लखनपाल, सुरेंद्र शौरी, पूर्ण चंद, जीत राम कटवाल, हंस राज, बलबीर वर्मा सहित अन्य विधायक उपस्थित रहे।
