बिजली दरों में बढ़ोतरी की आशंका पर कांग्रेस सरकार पर भाजपा का हमला
संदीपनी भारद्वाज, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता, ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनावों के समय 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सरकार अब बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर का स्पष्ट उदाहरण है।
1 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ सकती हैं बिजली दरें
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि सामने आए तथ्यों के अनुसार प्रदेश में बिजली की दरों में लगभग 1 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो इसका सीधा असर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार इस संभावित वृद्धि से प्रदेश की जनता पर सालाना लगभग 1200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई का सामना कर रही जनता के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
बिजली बोर्ड ने रखी 8593 करोड़ रुपये की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने नियामक आयोग के समक्ष आगामी वित्त वर्ष के लिए लगभग 8593 करोड़ रुपये की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि यह मांग पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है और इससे यह संकेत मिलता है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों और कुप्रबंधन का बोझ अब सीधे जनता पर डालने का प्रयास कर रही है।
बिजली व्यवस्था में बदलाव का असर
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से मिलने वाली बिजली को वापस लेकर नई व्यवस्था लागू की है, जिसका सीधा असर बिजली व्यवस्था और दरों पर पड़ रहा है। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार पहले यह बिजली सीधे बिजली बोर्ड को मिलती थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी। लेकिन अब सरकार की नीतियों के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हुई है और बिजली बोर्ड को ओपन मार्केट से महंगी बिजली खरीदने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।
चुनावी वादों को लेकर उठाए सवाल
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान 10 गारंटियों और मुफ्त बिजली के वादों के नाम पर जनता को आकर्षित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सरकार ने इन वादों को दरकिनार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने के बजाय सरकार ऐसी नीतियां अपना रही है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
मध्यम वर्ग और किसानों पर पड़ेगा असर
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी का असर प्रदेश के विभिन्न वर्गों पर पड़ेगा, जिनमें शामिल हैं:
मध्यम वर्गीय परिवार
किसान
छोटे व्यापारी
आम बिजली उपभोक्ता
उन्होंने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से इन सभी वर्गों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
संदीपनी भारद्वाज ने प्रदेश सरकार से सवाल करते हुए कहा कि उसे स्पष्ट करना चाहिए कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा कहां गया और बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी के पीछे क्या कारण हैं। उन्होंने कहा कि जनता को सच्चाई बताना सरकार की जिम्मेदारी है।
विरोध की चेतावनी
भाजपा प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास किया, तो भारतीय जनता पार्टी इसका सड़कों से लेकर सदन तक विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी।