सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिला बिलासपुर में पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा के लिए बुधवार को बचत भवन में उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने कहा कि सर्दियों में प्राकृतिक आपदाओं, कोहरे, दुर्घटनाओं और अत्यधिक ठंड से निपटने के लिए सभी विभागों को प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और विभागों के बीच समन्वय पर विस्तृत चर्चा की।
️ एसडीएमएफ परियोजनाएं समय पर पूरी हों — डीसी बिलासपुर
बैठक में उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि—
सभी एसडीएमएफ परियोजनाएं समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरी की जाएं,
बरसात में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत जल्द पूरी की जाए।
बिजली विभाग को लो-वोल्टेज समस्या का समाधान करने और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सर्दियों के दौरान आवश्यक राशन की सुनिश्चित उपलब्धता के निर्देश दिए गए।
️ धुंध और सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
उपायुक्त ने कहा कि सर्दियों में कोहरे और धुंध के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने NHAI को निर्देश दिए कि—
सभी ब्लैक स्पॉट्स पर चेतावनी संकेतक,
उचित सिगनेज,
रिफ्लेक्टर और सुरक्षा उपाय समय पर लगाए जाएं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाएं और सड़क संकेतों का पालन करें।
कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानियां
उपायुक्त ने वाहन चालकों को सलाह दी कि—
हाई बीम की बजाय लो बीम व फॉग लैंप का उपयोग करें,
आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाए रखें,
मोबाइल और म्यूजिक सिस्टम का कम से कम उपयोग करें,
बहुत घना कोहरा होने पर सुरक्षित स्थान पर रुककर दृश्यता सुधरने का इंतजार करें।
उन्होंने बताया कि डिफॉगर का उपयोग करने से शीशे पर जमी धुंध हटती है और दृश्यता बेहतर रहती है।
फायर ऑडिट और नोडल अधिकारी नियुक्ति के निर्देश
उपायुक्त ने सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालयों में फायर ऑडिट करवाने और
नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए ताकि नागरिक सीधे शिकायत दर्ज करा सकें।
उन्होंने कहा कि जिला में कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
रूम हीटर का उपयोग सावधानी से करें — डीसी बिलासपुर
उन्होंने कहा कि रूम हीटर के अत्यधिक उपयोग से कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि—
कमरे में उचित वेंटिलेशन रखें,
हीटर को पर्दों और फर्नीचर से पर्याप्त दूरी पर रखें,
मोमबत्तियों व हीटिंग उपकरणों का उपयोग करते समय सावधानी बरतें।
जनरेटर का उपयोग घर के अंदर न करने और इसे कम से कम 20 फीट दूर रखने की सलाह भी दी गई।
जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी
उपायुक्त ने कहा कि—
कैंपफायर को पूरी तरह बुझाकर ही स्थान छोड़ें,
जंगलों में सूखी झाड़ियों के पास आग न जलाएं,
किसी भी आग या धुएं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
व्यक्तिगत सुरक्षा और सामुदायिक सहयोग की अपील
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि सर्दियों में लोग—
गर्म कपड़े पहनें,
ठंड बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं,
पालतू जानवरों के लिए गर्म जगह सुनिश्चित करें,
पड़ोसियों से संपर्क में रहें और जरूरत पड़ने पर सहायता करें।
उन्होंने कहा कि “सतर्कता, समन्वय और समय पर कार्रवाई ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी है।”