राहुल कुमार की अध्यक्षता में आज बचत भवन, बिलासपुर में राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत गठित जिला टीबी फोरम की बैठक आयोजित की गई। बैठक में टीबी नोटिफिकेशन, संभावित टीबी जांच दर (पीटीईआर) तथा मृत्यु दर की समीक्षा के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सीएसआर के माध्यम से जल्द ही एक नई अल्ट्रा पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे टीबी के मामलों की शीघ्र पुष्टि संभव हो सकेगी। इस अवसर पर उन्होंने टीबी मरीजों को पोषण किट भी वितरित की तथा उपस्थित अधिकारियों ने “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” का नारा लगाकर जागरूकता का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि जिले में टीबी की घटनादर 206 मामले प्रति लाख जनसंख्या है, जबकि राष्ट्रीय औसत 187 प्रति लाख है। वर्ष 2025 में जिला की मृत्यु दर 10 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे घटाकर प्रति लाख जनसंख्या पर 3 तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत प्रमाणन के तहत जिले की 176 ग्राम पंचायतों में से 66 पंचायतें पात्र पाई गई हैं। सत्यापन प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 तक पूर्ण कर ली जाएगी तथा पात्र पंचायतों को 24 मार्च, विश्व क्षयरोग दिवस पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
उपायुक्त ने निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत सामुदायिक सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि अब तक 1137 पोषण किटें वितरित की जा चुकी हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि टीबी जांच के लिए स्वेच्छा से आगे आएं और जिला को क्षयरोग मुक्त बनाने में सहयोग करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।