हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला प्रशासन ने किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘शिखर: साइबर सेफ्टी गाइडलाइन्स फॉर एडोलसेंट्स’ जारी की हैं। इस पहल का शुभारंभ उपायुक्त राहुल कुमार ने बचत भवन बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। यह पहल डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों से बच्चों और किशोरों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमित कुमार, मातृ सुधा के निदेशक अरविंद सिंह और इंडिपेंडेंट थॉट के संस्थापक डॉ. विक्रम श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
‘शिखर’ का पूरा नाम Safe Habits for Internet Knowledge, Healthy Awareness and Responsibility है। यह एक व्यापक दिशा-निर्देशों का ढांचा है, जिसे विशेष रूप से किशोरों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालयों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।
इन दिशा-निर्देशों में डिजिटल जागरूकता, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार और साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए स्पष्ट प्रक्रियाओं पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही विद्यालयों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी निर्धारित की गई है, जिससे किसी भी साइबर घटना के मामले में त्वरित कार्रवाई और सहायता सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि यह पहल साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, डेटा गोपनीयता से जुड़े खतरे और डिजिटल लत जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि यह दिशा-निर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों के अनुरूप हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि इन गाइडलाइन्स को जिले के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। इससे स्कूलों को साइबर सुरक्षा और छात्र कल्याण के मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने डिजिटल युग में साइबर जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी को भी मजबूत किया जाएगा।
इस पहल को बहु-हितधारक परामर्श प्रक्रिया के तहत विकसित किया गया है। इसमें जिला प्रशासन बिलासपुर, साइबर चक्रव्यूह, मातृ सुधा और इंडिपेंडेंट थॉट जैसे संगठनों का सहयोग रहा है। साइबर चक्रव्यूह एक राष्ट्रीय मंच है, जो बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम के दौरान एक जागरूकता संगीत वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिसे 16 वर्षीय ‘साइबर योद्धा’ मास्टर कर्ण श्रीवास्तव ने तैयार किया है। यह वीडियो युवाओं की भागीदारी और डिजिटल जिम्मेदारी को दर्शाता है।
रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमित कुमार ने बताया कि इस पहल के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिला रेड क्रॉस सोसायटी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह पहल न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
अंत में कहा जा सकता है कि ‘शिखर’ पहल के माध्यम से बिलासपुर जिला प्रशासन ने किशोरों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास किया है, जो भविष्य में समाज को साइबर खतरों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
