हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए उन्हें राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला, लुहणू ग्राउंड का भ्रमण करवाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर द्वारा किया गया, जिसमें अपना घर वृद्धाश्रम एवं डे-केयर सेंटर, देयोली के वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना, उन्हें आत्मनिर्भरता के प्रति प्रेरित करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों में उन्होंने गहरी रुचि दिखाई।
स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों में स्थानीय कला, परंपरा और मेहनत की झलक देखने को मिली। वरिष्ठ नागरिकों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए स्वरोजगार के नए आयामों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। यह अनुभव उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि प्रेरणादायक भी साबित हुआ।
इसके अलावा, प्रतिभागियों ने “कहलूर दर्शन” प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें बिलासपुर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया था। वरिष्ठ नागरिकों ने इस प्रदर्शनी को बहुत सराहा और अपने अतीत से जुड़ी यादों को ताजा किया।
भ्रमण के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने नलवाड़ी मेले में उपलब्ध पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया। मेले का वातावरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय स्वाद ने उन्हें अत्यंत प्रसन्न और उत्साहित कर दिया। कई वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें मानसिक रूप से सक्रिय और खुश रखते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जागरूकता स्टॉलों का भी दौरा किया। इन स्टॉलों के माध्यम से उन्हें साइबर सुरक्षा, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव, सड़क सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस जानकारी से उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक होने में मदद मिली।
कार्यक्रम के दौरान जिला कल्याण अधिकारी आर.सी. बंसल और अपना घर वृद्धाश्रम, देयोली के अध्यक्ष प्रकाश बंसल भी उपस्थित रहे। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल को वरिष्ठ नागरिकों ने बेहद सराहा और इसे अपने जीवन में एक यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें समाज से जुड़े रहने का अवसर देते हैं और उनकी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
अंत में कहा जा सकता है कि यह कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उन्हें नई जानकारी मिली, बल्कि उन्हें समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरणा मिली।