जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर और सक्रिय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर के तत्वावधान में अपना घर वृद्धाश्रम (डे-केयर सेंटर), दयोली में 7 दिवसीय “जीविकोपार्जन गतिविधियों पर कार्यशाला” का शुभारंभ किया गया।
यह कार्यशाला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राष्ट्रीय कार्ययोजना वरिष्ठ नागरिक के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिलासपुर नरेंद्र कुमार ने किया।
अपने संबोधन में नरेंद्र कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि इससे बुजुर्गों को न केवल आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है, बल्कि वे अपने जीवन को अधिक सक्रिय, सरल और तनावमुक्त भी बना सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाएं।
कार्यक्रम के दौरान जिला कल्याण अधिकारी आर.सी. बंसल ने कार्यशाला की विस्तृत रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को लघु एवं कुटीर उद्योगों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत शर्मा ने भी विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इस अवसर पर मानव सभा ट्रस्ट, दयोली के अध्यक्ष प्रकाश बंसल भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यशाला बुजुर्गों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनआरएलएम (डीआरडीए) देश राज ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में प्रतिभागियों को विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। इनमें मोमबत्ती निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, जूट और कपड़े के थैले बनाना, हस्तशिल्प और सजावटी वस्तुओं का निर्माण, उत्पादों की पैकेजिंग और विपणन जैसे कौशल शामिल होंगे।
इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यशाला के दौरान केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि प्रतिभागियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके तहत योग सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा और मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
इससे वरिष्ठ नागरिकों को एक सकारात्मक और उत्साहवर्धक वातावरण मिलेगा, जहां वे न केवल सीख सकेंगे बल्कि अपने अनुभव भी साझा कर सकेंगे।
इस सात दिवसीय कार्यशाला में वृद्धाश्रम, डे-केयर सेंटर और स्थानीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम उनके सामाजिक सशक्तिकरण और आत्मसम्मान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के समग्र विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाते हैं, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थान भी प्रदान करते हैं।