जिला बिलासपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने की। बैठक में विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं, वितरण प्रणाली की स्थिति तथा निरीक्षण और कार्रवाई से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अक्तूबर 2025 से फरवरी 2026 की अवधि में जिले में कुल 1,45,111 क्विंटल खाद्यान्न वितरित किया गया। इसके साथ ही 7,53,196 लीटर खाद्य तेल भी विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया। यह वितरण 1,17,230 राशन कार्ड धारकों और कुल 4,17,881 उपभोक्ताओं को 254 हिम सुविधा उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से किया गया।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नियमित और व्यवस्थित रूप से की जा रही है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र लाभार्थियों तक समय पर राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंच सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस अवधि के दौरान खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 47 नमूने लिए गए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिल रहा है।
इसके अलावा विभाग द्वारा विभिन्न आदेशों के तहत 1,068 निरीक्षण किए गए। इन निरीक्षणों का उद्देश्य वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना था। निरीक्षण के दौरान जहां भी गड़बड़ियां पाई गईं, वहां सख्त कार्रवाई की गई। दोषियों से कुल 1,87,173 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन नियमों के पालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत संचालित मिड-डे-मील योजना और आईसीडीएस आंगनवाड़ी केंद्रों को खाद्यान्न वितरण की भी समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि बच्चों और महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार में किसी प्रकार की कमी न रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करें और खाद्यान्नों की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समय-समय पर नमूने एकत्र कर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय मानकों और आदेशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एक हिम सुविधा उचित मूल्य की दुकान को सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आवेदक के पक्ष में आवंटित किया गया। इसके अलावा जिले में एक नई उचित मूल्य की दुकान खोलने तथा दो अन्य दुकानों के विस्तार बिंदु स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत और सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। नई दुकानों और विस्तार बिंदुओं से उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में भी आसानी से राशन उपलब्ध हो सकेगा।
कुल मिलाकर यह बैठक जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। प्रशासन की सक्रियता और सख्त निगरानी से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में भी उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलती रहेंगी।