हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में बच्चों के पोषण और समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “8वां पोषण पखवाड़ा” 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान Ministry of Women and Child Development तथा राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से संचालित किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी 1111 आंगनवाड़ी केंद्रों में इस पखवाड़े को उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा।
🔹 इस वर्ष की थीम और नारा
इस वर्ष पोषण पखवाड़े की थीम है:
👉 “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना”
जबकि अभियान का नारा रखा गया है:
👉 “बचपन के पहले 6 साल—पोषण, पढ़ाई के लिए हैं बेमिसाल”
इस थीम के माध्यम से बच्चों के शुरुआती वर्षों में पोषण और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
🔹 1111 आंगनवाड़ी केंद्रों में गतिविधियां
जिले के सभी 1111 आंगनवाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य परिवारों और समुदाय को बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के प्रति जागरूक करना है।
🔹 प्रमुख गतिविधियां
पोषण पखवाड़े के दौरान निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
- माँ और बच्चे के पोषण पर जागरूकता
- 0-3 वर्ष के बच्चों के लिए प्रारंभिक मस्तिष्क विकास गतिविधियां
- 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा
- स्क्रीन टाइम कम करने के लिए जागरूकता अभियान
- ‘पोषण पे चर्चा’ और समूह बैठकें
- पंचायत सभाएं और पोषण रैलियां
- दादी-नानी की कहानियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम
- स्थानीय पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी और कुकिंग प्रतियोगिताएं
- गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर
- खिलौना निर्माण कार्यशालाएं
- “नो-स्क्रीन ऑवर” अभियान
- योग और बाहरी खेलों को बढ़ावा
इन सभी गतिविधियों की रिपोर्टिंग ‘जन आंदोलन डैशबोर्ड’ पर की जाएगी।
🔹 पहले 6 साल क्यों हैं महत्वपूर्ण?
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टि से बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है। इसमें भी पहले 1000 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी कारण इस वर्ष के पोषण पखवाड़े में बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनके मानसिक और संज्ञानात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
🔹 सामुदायिक भागीदारी पर जोर
इस अभियान में समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है। माता-पिता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मिलकर बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जागरूकता फैलाएंगे।
🔹 उद्देश्य: स्वस्थ और सशक्त बचपन
पोषण पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए स्वस्थ वातावरण तैयार करना, सही खानपान की आदतों को बढ़ावा देना और परिवारों को जागरूक करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सके।
🔹 कार्यक्रम में मौजूद रहे अधिकारी
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिनमें सांख्यिकी सहायक, सुपरवाइजर और मिशन शक्ति एवं पोषण टीम के सदस्य शामिल रहे।