बिलासपुर जिला में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन पंचायतों का गठन, पुनर्गठन या विभाजन नहीं हुआ है, वहां अनुपूरक मतदाता सूचियों को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुनरीक्षण अधिकारियों की नियुक्ति
उपायुक्त ने बताया कि इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारियों (BDO) को पुनरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा करें।
कहां देख सकते हैं मतदाता सूची
तैयार की गई मतदाता सूचियों का निरीक्षण:
संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय
खंड विकास अधिकारी कार्यालय
में किया जा सकता है।
इसके अलावा मतदाता सूची ऑनलाइन भी देखी जा सकती है, जिससे प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनती है।
28 मार्च तक दावे और आपत्तियां
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, या किसी नाम को हटाने, संशोधित करने या अन्य त्रुटि को लेकर आपत्ति दर्ज करनी है, तो वह व्यक्ति 28 मार्च 2026 तक अपना दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
इसके लिए निर्धारित:
प्रारूप 2
प्रारूप 3
प्रारूप 4
का उपयोग करना होगा।
18 वर्ष आयु वालों को भी मिलेगा मौका
आयोग के निर्देशानुसार ऐसे युवा, जो 1 अप्रैल 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उन्हें भी अनुपूरक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। यह कदम युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
परिवार के माध्यम से भी कर सकते हैं आवेदन
यदि कोई व्यक्ति स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर आवेदन नहीं कर सकता, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से भी आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। हालांकि, एक व्यक्ति अधिकतम दो फॉर्म ही जमा कर सकता है।
2 अप्रैल तक होगा निपटारा
दावे और आपत्तियों का निपटारा 2 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद यदि कोई व्यक्ति निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह अपील कर सकता है।
अपील और अंतिम प्रकाशन की तिथियां
अपील की अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026
अपीलों का निपटारा: 17 अप्रैल 2026
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 20 अप्रैल 2026
नागरिकों से अपील
उपायुक्त राहुल कुमार ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का सही और पूर्ण होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
मतदाता सूची का अद्यतन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।