पीजी व प्रवासी श्रमिकों का सत्यापन अनिवार्य : DC

rakesh nandan

31/12/2025

जिला बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राहुल कुमार, जिला दंडाधिकारी बिलासपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेशों में कहा गया है कि अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग रोज़गार, व्यवसाय एवं विभिन्न सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए बिलासपुर जिले में आते-जाते रहते हैं। ऐसे व्यक्तियों का पूर्ववृत्त सत्यापन एवं स्थानीय पुलिस थाना स्तर पर पंजीकरण किया जाना आवश्यक है।

आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में कई स्थानों पर पेइंग गेस्ट (PG) हाउस संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अनेक बिना नगर समिति, ग्राम पंचायत अथवा स्थानीय पुलिस की अनुमति के आवासीय क्षेत्रों में संचालित हैं। इनमें रह रहे विद्यार्थियों एवं कामकाजी व्यक्तियों का पूर्ववृत्त सत्यापित न होने से सामाजिक सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।

जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी नियोजक, ठेकेदार अथवा व्यापारी तब तक किसी प्रवासी श्रमिक को कार्य पर नहीं लगाएगा, जब तक संबंधित श्रमिक द्वारा पासपोर्ट आकार के फोटो सहित अपनी पहचान एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) से विधिवत रूप से न करवा लिया जाए। सत्यापन से संबंधित अभिलेख नियोजक द्वारा सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

इसके अतिरिक्त, जिले में स्वरोजगार, सेवा अथवा किसी अन्य औपचारिक या अनौपचारिक कार्य से जुड़ने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति को संबंधित थाना प्रभारी को पूर्व सूचना दिए बिना कार्य प्रारंभ करने की अनुमति नहीं होगी।

मकान मालिकों एवं पीजी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां ठहरने वाले बाहरी राज्यों से आए विद्यार्थियों एवं कामकाजी व्यक्तियों की जानकारी संबंधित स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत तथा थाना प्रभारी के पास अनिवार्य रूप से दर्ज करवाएं।

आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 31 दिसंबर 2025 से प्रभावी होकर आगामी 60 दिनों तक लागू रहेगा।