बिलासपुर में 7 दिवसीय आजीविका कार्यशाला संपन्न

rakesh nandan

24/03/2026

जिला बिलासपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय आजीविका कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन दयोली स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना रहा। समापन समारोह में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजना वरिष्ठ नागरिकों के अंतर्गत जिला बिलासपुर में पिछले तीन महीनों से विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों में आजीविका कार्यशालाएं, साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान, इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य शिविर, डिमेंशिया जांच तथा अन्य जागरूकता गतिविधियां शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और ज्ञान का लाभ समाज को निरंतर मिलता रहता है। इसलिए उनके सम्मान, सुरक्षा और देखभाल को सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी द्वारा जिले में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की।

उपायुक्त ने कहा कि विभाग द्वारा नलवाड़ी मेला जैसे आयोजनों में “दिव्य ज्योति” योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें।

उन्होंने आगे बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जिला प्रशासन और जियो के सहयोग से अंतर-पीढ़ी समन्वय कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग बच्चों के लिए दो दिवसीय एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने वाघा बॉर्डर, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, जलियांवाला बाग और राधा स्वामी सत्संग ब्यास जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया।

इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा जिला स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनका मनोबल बढ़ा।

उपायुक्त ने यह भी बताया कि 23 मार्च को वरिष्ठ नागरिकों के लिए नलवाड़ी मेला बिलासपुर का विशेष एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और विभिन्न उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही, उन्होंने “कहलूर दर्शन” प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी मिली।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सात दिवसीय कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों को जूट बैग निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, पेपर बैग निर्माण और साबुन बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इन कौशलों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने उन्हें आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने की भी बात कही गई है।

इस कार्यशाला की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम और स्थानीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा तीन स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। ये समूह भविष्य में विभिन्न आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए विभाग और जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी सदर कमल कांत शर्मा, मानव सेवा ट्रस्ट से प्रकाश बंसल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएलएम देशराज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।