जिला बिलासपुर में आयोजित जल तरंग–जोश महोत्सव 2025 का सफल समापन हो गया है। महोत्सव के दौरान लगे रेडक्रॉस मेले को व्यापक जनभागीदारी और विशिष्ट पहचान मिली। जिला प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी में उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि जल तरंग–जोश महोत्सव की सफलता में रेडक्रॉस मेले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जिसने पूरे आयोजन में नई ऊर्जा और सामाजिक सहभागिता का वातावरण बनाया।
मानव सेवा, स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजागरूकता पर विशेष फोकस
रेडक्रॉस मेले का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, स्वास्थ्य सुरक्षा, जनजागरूकता और संवेदनशील वर्गों तक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना था। मेले ने जनसेवा, चिकित्सा शिविरों, रक्तदान, मनोरंजन और प्रदर्शनियों के एक अनूठे संगम को प्रस्तुत किया, जो पूरे महोत्सव का मुख्य केंद्र बना रहा। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिव्यांगजनों और वृद्धजनों हेतु विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। मेडिकल बोर्ड ने दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी स्थल पर ही पूरी की। अलिमको, मोहाली के सहयोग से सहायक उपकरणों का असेसमेंट कैंप भी संचालित किया गया। रेडक्रॉस द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर ने लोगों को सीधे लाभान्वित किया और मानव सेवा की भावना को मजबूती दी।
प्रदर्शनी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र—सुशासन की तस्वीर पेश की
जिला के सभी विभागों द्वारा लगाए गए जनहितकारी और सूचनात्मक प्रदर्शनी स्टॉल मेले का मुख्य आकर्षण रहे। इन स्टॉल्स ने बिलासपुर में विकसित हो रहे सुशासन, सार्वजनिक सेवा और सामाजिक जागरूकता को प्रभावी रूप से दर्शाया।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग और बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां
मेला कई मनोरंजक और उत्साहपूर्ण गतिविधियों से सजा रहा। इनमें—
वृद्धजनों की रिले रेस
मटका फोड़ प्रतियोगिता
म्यूजिकल चेयर
बच्चों के लिए हेल्दी बेबी शो
दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों का फैशन शो
इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, ऊर्जा और उत्साह को नई ऊँचाइयाँ दीं।
सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता
जिला की प्रमुख सामाजिक संस्थाओं— सामर्थ्य हमारी पहचान, नया सवेरा, वरिष्ठ नागरिक सभा, पेंशनर्स एसोसिएशन, अर्धनारीश्वर संस्थान, अपना घर वृद्धाश्रम घाघस, दिव्यांग कल्याण संघ और मुकांबिका स्पेशल चिल्ड्रेन स्कूल बरमाणा—की भागीदारी ने आयोजन को और मजबूत बनाया।
नशा-मुक्त बिलासपुर अभियान और फिटनेस गतिविधियां आकर्षण का केंद्र
मेला नशा-मुक्त बिलासपुर के संदेश को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बना। वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें दो युवा माताओं द्वारा 145 किलोग्राम भार उठाने का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा। 23 नवंबर को आयोजित बॉडी बिल्डिंग प्रदर्शन में 6 युवाओं ने शानदार प्रस्तुति दी, जिन्हें मुख्य अतिथि आर. एस. बाली, उपाध्यक्ष पर्यटन निगम, हिमाचल प्रदेश ने सम्मानित किया।
75 से अधिक स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी ने बढ़ाया महोत्सव का दायरा
जिले के 75 से अधिक सरकारी व निजी स्कूलों, आईटीआई बरठी, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर, नर्सिंग संस्थान कोल वैली, गुरुकुल, तथा जीवन ज्योति की जूनियर/यूथ रेडक्रॉस इकाइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जीवन ज्योति नर्सिंग संस्थान ने स्वास्थ्य जांच शिविर में सेवाएं प्रदान कीं, जबकि कई शिक्षण संस्थानों ने “डोनेशन फॉर ह्यूमैनिटी” के तहत रेडक्रॉस के लिए दान राशि एकत्रित की। जिले के विभिन्न स्कूल—टोबा, मैथी, कुठेडा, अमरपुर, औहार, बडगांव, बड्डू दधोग, बाघेर, बाला, बल्ह चुरानी, बलग का घाट, बलोह, ब्रमाणा (रम्बाग), डीएवी बरमाणा, बिलासपुर, घुमारवीं, हिम सर्वोदय घुमारवीं, मिनर्वा स्कूल घुमारवीं, आर्यन पब्लिक स्कूल बिलासपुर, बीपीएस स्कूल बिलासपुर, क्रिसेंट पब्लिक स्कूल बिलासपुर—की सहभागिता ने आयोजन को और व्यापक बनाया। इसके अलावा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ठियोग, जिला शिमला के 45 छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने आयोजन को अंतर-जिला स्तर पर भी विशेष पहचान दिलाई।