कांगड़ा भूकंप स्मृति में बिलासपुर में मॉक ड्रिल आयोजित

rakesh nandan

04/04/2026

जिला मुख्यालय Bilaspur में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी 1905 Kangra earthquake की स्मृति में उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक प्रभावी मॉक ड्रिल और जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने की।

यह आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बिलासपुर के सौजन्य से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और आपात स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता तथा समन्वय का आकलन करना रहा।

कार्यक्रम के तहत डीडीएमए के स्वयंसेवकों द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से लोगों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को सतर्क रहने, त्वरित प्रतिक्रिया देने और सुरक्षित स्थानों की पहचान करने के लिए प्रेरित किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड के जवानों ने भूकंप की स्थिति में बचाव और राहत कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में दिखाया गया कि किस प्रकार आपदा के समय घायलों को सुरक्षित स्थानों से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया जाता है और उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी इस दौरान अपनी तत्परता का प्रदर्शन किया। घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से शीघ्र अस्पताल पहुंचाया गया और उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस समन्वित अभ्यास से यह स्पष्ट हुआ कि आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग किस प्रकार मिलकर प्रभावी तरीके से कार्य कर सकते हैं।

कार्यक्रम में पुलिस विभाग, उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी विभागों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यास न केवल विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करते हैं, बल्कि आम लोगों को भी आपदा के प्रति जागरूक और सतर्क बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उचित तैयारी और जागरूकता के माध्यम से उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसलिए समय-समय पर इस तरह के अभ्यास आयोजित किए जाते रहना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि भूकंप के समय घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी चाहिए। साथ ही भवनों की संरचना, आपातकालीन निकास मार्ग और प्राथमिक उपचार की जानकारी होना भी अत्यंत आवश्यक है।

कुल मिलाकर, यह मॉक ड्रिल और जागरूकता रैली न केवल प्रशासन की तैयारियों का आकलन करने में सफल रही, बल्कि आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।