बिलासपुर में 10 अप्रैल को दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर

rakesh nandan

08/04/2026

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 10 अप्रैल (शुक्रवार) को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में आयोजित होगा, जहां योग्य लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक चिकित्सीय परीक्षणों के बाद प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर के सुचारू संचालन के लिए जिला मेडिकल डिसेबिलिटी बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों और अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि दिव्यांगता के सभी प्रकारों का सही और निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा सके।

गठित मेडिकल बोर्ड में शिशु रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह टीम लाभार्थियों की जांच कर उनकी दिव्यांगता की प्रकृति और प्रतिशत का आकलन करेगी, जिसके आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह शिविर 10 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शुरू होगा और अंतिम लाभार्थी के परीक्षण तक जारी रहेगा। शिविर का आयोजन क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के न्यू ओपीडी कॉम्प्लेक्स के कक्ष संख्या-203 में किया जाएगा। इस दौरान सभी लाभार्थियों को समय पर पहुंचने और आवश्यक दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अत्यंत आवश्यक दस्तावेज है। इसके माध्यम से दिव्यांगजन विभिन्न प्रकार की सरकारी सहायता, पेंशन योजनाओं, शिक्षा में आरक्षण और रोजगार के अवसरों का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे में यह शिविर दिव्यांगजनों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि शिविर में आने वाले सभी लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए उचित व्यवस्था की गई है, ताकि जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। मेडिकल बोर्ड द्वारा सभी आवेदनों की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

अधिकारियों ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और निर्धारित तिथि व समय पर शिविर में उपस्थित होकर अपना प्रमाण पत्र बनवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग लंबे समय से प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में देरी का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह शिविर एक सुनहरा अवसर है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, क्योंकि उन्हें अलग-अलग डॉक्टरों के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती। एक ही स्थान पर सभी जांच पूरी होने से समय और संसाधनों की बचत होती है।

कुल मिलाकर, बिलासपुर में आयोजित होने वाला यह दिव्यांगता प्रमाण पत्र शिविर सामाजिक समावेशन और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल दिव्यांगजनों को सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी आसानी होगी।