बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल जागरूकता कार्यशाला

rakesh nandan

26/03/2026

जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल युग के खतरों और सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा बिलासपुर द्वारा निदेशालय सामाजिक कल्याण विभाग, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यशाला का आयोजन वरिष्ठ नागरिक सभा, बिलासपुर के सभागार में किया गया, जिसकी अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष जे.एन. मिश्रा ने की। इस कार्यक्रम में कुल 55 वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। रचना मेहता (आर्ट ऑफ लिविंग) ने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए उपयोगी सुझाव दिए और तनाव मुक्त जीवन जीने के उपाय बताए।

इसके अलावा साइबर सेल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय बिलासपुर की टीम ने ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से बचने के उपाय बताए।

वहीं वी.के. धीमान (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बैंकिंग लेन-देन करते समय सतर्क रहना बेहद आवश्यक है और किसी भी अनजान व्यक्ति को व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

कार्यशाला के पश्चात वरिष्ठ नागरिक सभा की मासिक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत हाल ही में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। सभा ने अपने दिवंगत साथियों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। सभा ने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने के निर्णय का स्वागत किया और इसके लिए मुख्यमंत्री, मंत्री राजेश धर्माणी, कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर और पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का आभार व्यक्त किया।

इसके साथ ही सभा ने जिला प्रशासन, विशेषकर उपायुक्त राहुल कुमार और उनकी टीम को नलवाड़ी मेले के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

सभा द्वारा नगर विकास से संबंधित कई अहम मुद्दों को भी उठाया गया। इनमें लुह्णु घाट से बैरी जडोला पुल के निर्माण, दावीं घाटी से एम्स तक सुरंग निर्माण और मार्कंडा मंदिर से बिलासपुर तक टनल निर्माण की मांग शामिल रही।

इसके अतिरिक्त घुमारवीं क्षेत्र में वर्ष 2016 से 2022 तक लंबित मेडिकल रिम्बर्समेंट और अन्य भत्तों के भुगतान की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। सभा ने प्रशासन से इन लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का आग्रह किया।

सभा ने बिलासपुर प्रशासन से अनुरोध किया कि 30 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों को जल्द लागू किया जाए और उनकी प्रगति की जानकारी भी साझा की जाए। इसके अलावा उपमंडलाधिकारी सदर द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए सुझावों को भी लागू करने की मांग की गई।

नगर परिषद से संबंधित प्रस्तावों में सभागार का प्राक्कलन तैयार करने, परिसर से कूड़ा-कचरा हटाने और इंटरलॉकिंग टाइल बिछाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया और डिजिटल जागरूकता के महत्व को समझा। इस प्रकार की कार्यशालाएं वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल युग में सुरक्षित रहने और आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कुल मिलाकर, यह कार्यशाला न केवल डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रही, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का एक प्रभावी मंच भी प्रदान किया।