बिलासपुर में किशोरों की साइबर सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक पहल
Bilaspur जिला प्रशासन ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों को गंभीरता से लेते हुए किशोरों की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। उपायुक्त Rahul Kumar की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में किशोरों की साइबर सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह पहल बिलासपुर को देश का पहला ऐसा जिला बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी, जहां किशोरों के लिए संस्थागत साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित किया जाएगा।
डिजिटल खतरों पर चिंता
उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, फर्जी प्रोफाइल, पहचान की चोरी और साइबर धोखाधड़ी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए स्पष्ट साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए जाएंगे।
रेड क्रॉस बनेगा नोडल एजेंसी
इस पहल का आयोजन Indian Red Cross Society, जिला शाखा बिलासपुर और मातृ सुधा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। जिला रेड क्रॉस सोसायटी को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगी।
बहुआयामी समिति का गठन
साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार करने के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जिसमें:
शिक्षा विभाग
पुलिस विभाग
महिला एवं बाल विकास विभाग
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ
बाल संरक्षण इकाइयों के प्रतिनिधि
शामिल होंगे।
दीर्घकालिक संस्थागत ढांचा
उपायुक्त ने कहा कि यह पहल केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे संस्थागत रूप दिया जाएगा ताकि किशोरों की डिजिटल सुरक्षा दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित की जा सके। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित 35 प्रतिभागियों ने सुझाव प्रस्तुत किए।