2वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह–2025 के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन हिमाचल प्रदेश एवं जिला विकास सहकारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में दी छत ग्राम सेवा सहकारी सभा समिति, भेड़ाघाट (बिलासपुर) में किया गया। कार्यक्रम में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो सहकारी सिद्धांतों को विश्व स्तर पर नई पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार सहकारिता को ग्रामीण विकास की रीढ़ मानते हुए इसे गांव-गांव तक मजबूत और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की सहकारी समितियां कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन, विपणन और वित्तीय सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए हजारों किसानों, महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं आजीविका प्रदान कर रही हैं।
इस वर्ष का विषय: “ग्रामीण विकास में सहकारी सभाओं की भूमिका”
मंत्री ने कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू सहकारिता को ग्रामीण समृद्धि एवं सामूहिक भागीदारी का आधार मानते थे। इसी भावना के अनुरूप सहकारी सप्ताह में ग्रामीण उत्थान, कृषि सुधार और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार के कदम
दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि से पशुपालकों को सीधा लाभ
धारा 118 में संशोधन कर सहकारी सभाओं को भूमि खरीदने की अनुमति
डिजिटल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत सहकरी तंत्र विकसित करने की तैयारी
मंत्री ने सहकारी संस्थाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में सरकार सहकारिता के विस्तार और सशक्तिकरण हेतु कई नए सुधार लागू करेगी।
जिला में सहकारी गतिविधियां
सहायक रजिस्ट्रार भास्कर कालिया ने बताया कि बिलासपुर में 225 सहकारी सभाएं और 4 संघ पंजीकृत हैं। उन्होंने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विभिन्न सहकारी सभाओं द्वारा आकर्षक प्रदर्शनियां लगाई गईं तथा उत्कृष्ट सोसाइटी सभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में बड़े पैमाने पर किसान, बागवान और सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख अतिथियों में एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, को-ऑपरेटिव बैंक निदेशक जगदीश शर्मा, जिला फेडरेशन अध्यक्ष रणजीत कश्यप सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।