हिमाचल प्रदेश के भोरंज विधानसभा क्षेत्र में युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस दिशा में एसडीएम एवं निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी शशिपाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह बैठक विशेष रूप से उन युवाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जो इस वर्ष 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं और मतदाता बनने के पात्र हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र युवा मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
स्वीप कार्यक्रम के तहत जागरूकता
यह पहल भारत निर्वाचन आयोग के जागरूकता कार्यक्रम SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) के अंतर्गत की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना है। शशिपाल शर्मा ने बैठक में उपस्थित सभी नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में पात्र विद्यार्थियों की पहचान करें और उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका
बैठक में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स (ELCs) और SVEEP कार्यक्रम से जुड़े नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय आईटीआई भोरंज, राजकीय महाविद्यालय भोरंज, Career Point University तथा JP ITI समीरपुर के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन संस्थानों की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश नए मतदाता इन्हीं संस्थानों में अध्ययनरत हैं। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे विद्यार्थियों को मतदाता बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें और उन्हें समय पर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें।
युवा मतदाताओं की भागीदारी जरूरी
एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेता है, तो यह देश के भविष्य को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाना हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। इसलिए सभी पात्र युवाओं को आगे आकर इस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिए।
घर-घर तक पहुंचेगा अभियान
इस अभियान के तहत केवल शिक्षण संस्थानों तक ही सीमित न रहकर, जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक यह संदेश पहुंच सके।
निर्वाचन विभाग की सक्रियता
बैठक में निर्वाचन विभाग की कानूनगो टिंकल ठाकुर भी उपस्थित रहीं। उन्होंने मतदाता पंजीकरण से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की और बताया कि किस प्रकार विद्यार्थी आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जिससे युवाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
इस प्रकार की पहलें न केवल युवाओं को जागरूक करती हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करती हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाना लोकतंत्र में भागीदारी का पहला कदम है, जो आगे चलकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंत में, एसडीएम ने सभी नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस अभियान को गंभीरता से लें और सुनिश्चित करें कि भोरंज विधानसभा क्षेत्र का कोई भी पात्र युवा मतदाता सूची से बाहर न रहे।