भट्टाकुफर और मेहली-ढली रोड पर हुए भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन शिमला ने एहतियाती कदम उठाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (शिमला बायपास पैकेज-II) के तहत निर्माणाधीन ट्विन ट्यूब टनल पर सभी खुदाई, ब्लास्टिंग और निर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), क्षेत्रीय कार्यालय शिमला को पत्र लिखकर इन गतिविधियों को आगामी आदेशों तक बंद करने के निर्देश दिए।
भूवैज्ञानिक रिपोर्ट में गंभीर जोखिम की पुष्टि
भूवैज्ञानिक शाखा की प्राथमिक साइट निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार मेहली-ढली रोड पर बड़ा गर्त विकसित हुआ है।
रिपोर्ट में निम्न जोखिम पाए गए—
चट्टानी द्रव्यमान में दरारें
लगातार जल रिसाव
उपयोगिताओं का उजागर होना
आसपास के कई घरों में संरचनात्मक दरारें
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि निर्माणाधीन ट्विन ट्यूब टनल का अक्ष प्रभावित क्षेत्र के ठीक नीचे आता है और इस स्तर पर हो रही टनलिंग गतिविधियों का प्रभाव नकारा नहीं जा सकता।
विशेष एजेंसी से विस्तृत जांच की आवश्यकता
भूवैज्ञानिक शाखा ने स्पष्ट किया कि भूस्खलन के कारणों की सही पहचान के लिए जियोलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) जैसी विशेष एजेंसी से विस्तृत भू-तकनीकी और भू-भौतिकीय जांच आवश्यक है।
इसी आधार पर प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए टनल से संबंधित सभी गतिविधियों को रोकने का निर्णय लिया है।
ब्लास्टिंग अनुमति भी अस्थायी रूप से वापस
मैसर्ज गावर शिमला हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को जारी ब्लास्टिंग अनुमति अगले आदेशों तक अस्थायी रूप से वापस ले ली गई है।
लगातार निगरानी और सुरक्षा के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने निम्न निर्देश दिए—
प्रभावित क्षेत्र में दरारों, भू-स्खलन और रिसाव की निरंतर निगरानी
लोक निर्माण विभाग और GSI टीम के साथ पूर्ण सहयोग
सुरक्षा उपायों व बैरिकेडिंग की पूर्ण व्यवस्था
किसी भी तरह की दुर्घटना रोकने के लिए अतिरिक्त सावधानियाँ
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिला दण्डाधिकारी ने परियोजना निदेशक, एनएचएआई को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इन निर्देशों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।