हिमाचल प्रदेश में आयोजित अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव भराड़ी का समापन समारोह बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री Rajesh Dharmani मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मेला कमेटी द्वारा उनका पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता टौणी देवी मंदिर भराड़ी से सुबह 11 बजे निकाली गई भव्य शोभा यात्रा से हुई। इस शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालु और कलाकार नाचते-गाते हुए छिंज स्थल तक पहुंचे। पूरे आयोजन में पारंपरिक संस्कृति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
🤼 दंगल बना मुख्य आकर्षण
ग्रीष्मोत्सव का मुख्य आकर्षण विशाल दंगल रहा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने अपने दमखम और कुश्ती कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। मुकाबले बेहद रोमांचक रहे और दर्शकों ने हर दांव-पेंच पर जमकर उत्साह दिखाया।
🏆 छोटी माली के मुकाबले
छोटी माली के सेमीफाइनल में पप्पू नैना देवी ने प्रिंस बड़ा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में अनु करेर ने राहुल लदरौर को पराजित किया। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें पप्पू नैना देवी ने अनु करेर को हराकर हिमाचल केसरी का खिताब अपने नाम किया।

🏆 बड़ी माली के मुकाबले
बड़ी माली के सेमीफाइनल में लाली फगवाड़ा ने इरफान जम्मू को हराया, जबकि विक्की चंडीगढ़ ने संजीव तलवंडी को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में लाली फगवाड़ा और विक्की चंडीगढ़ के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें लाली फगवाड़ा विजेता रहे और बड़ी माली का खिताब जीत लिया।
👩 महिला पहलवानों का शानदार प्रदर्शन
दंगल में महिला पहलवानों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। साक्षी बिलासपुर और बबली कपाहड़ा के बीच मुकाबला विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा ऊना जिले के नंदपुर गांव के सगे भाई समर और राघव ने भी अपनी कुश्ती कला से दर्शकों को प्रभावित किया। उनके पिता इंद्रजीत की पहलवानी परंपरा की झलक भी मंच पर देखने को मिली।
🎤 मंत्री का संदेश
इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी ने विजेता और उपविजेता पहलवानों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं से नशे, विशेषकर चिट्टे जैसी घातक प्रवृत्तियों से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और समाज को स्वस्थ एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
🎉 सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
मंत्री ने मेला कमेटी और स्थानीय जनता को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। कार्यक्रम के अंत में मेला कमेटी के प्रधान करतार सिंह चौधरी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और क्षेत्रवासियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान ख्यालीराम शर्मा, नायब तहसीलदार प्यारेलाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। रात्रि में ग्रीष्मोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।

🔚 निष्कर्ष
भराड़ी ग्रीष्मोत्सव का यह आयोजन खेल, संस्कृति और परंपरा का शानदार संगम साबित हुआ। दंगल के रोमांचक मुकाबलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।