बरूरी शिव मंदिर में 2 अप्रैल को विशाल भंडारा

rakesh nandan

01/04/2026

Baruri स्थित शिव मंदिर में 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इस अवसर पर मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ भी श्रद्धा और भक्ति भाव से चल रहा है, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। भक्तजन लगातार मंदिर पहुंचकर रामायण पाठ में भाग ले रहे हैं और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

मंदिर में स्थापित Hanuman जी की मूर्ति अत्यंत दिव्य और आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यह इच्छाधारी और संकल्पित हनुमान जी हैं, जिनके समक्ष सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। यही कारण है कि यहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं।

इस मंदिर की विशेषता केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि इसका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। बताया जाता है कि इस दिव्य मूर्ति की स्थापना लगभग 70 वर्ष पूर्व ब्रह्मलीन Baba Seva Giri Maharaj द्वारा की गई थी।

मूर्ति स्थापना के समय बाबा सेवा गिरी महाराज ने कठोर संकल्प लिया था कि जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं होगा, तब तक वे न तो कहीं रुकेंगे, न अन्न ग्रहण करेंगे और न ही किसी प्रकार की दैनिक क्रिया करेंगे। उनकी तपस्या और दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप यह मूर्ति Jaipur से लाकर यहां स्थापित की गई।

स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की तपस्या और आशीर्वाद के कारण ही यह मंदिर आज क्षेत्र में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां आने वाले भक्त अपने जीवन की समस्याओं और इच्छाओं के समाधान के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं।

हनुमान जन्मोत्सव के इस विशेष अवसर पर आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर समिति द्वारा भंडारे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आयोजकों ने सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पावन आयोजन में भाग लें। अखंड रामायण पाठ में शामिल होकर और भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बनें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। इससे लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत होते हैं और सामाजिक सद्भाव को भी बल मिलता है।

कुल मिलाकर, बरूरी शिव मंदिर में आयोजित होने वाला यह भव्य कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव का एक विशेष अवसर है, जिसमें शामिल होकर वे न केवल धार्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि सामूहिक श्रद्धा का हिस्सा भी बन सकते हैं।