Gandharva Rathore ने वीरवार को Barsar क्षेत्र का दौरा कर वहां चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जल शक्ति विभाग की महत्वपूर्ण पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने Gobind Sagar Lake के पास निर्माणाधीन जल शक्ति विभाग की सबसे बड़ी पेयजल योजना के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह परियोजना एनडीबी (नाबार्ड) की सहायता से तैयार की जा रही है, जिस पर लगभग 137 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने कहा कि इस पेयजल योजना का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद बड़सर क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा किया जाए।
इसके बाद उपायुक्त ने Deotsidh क्षेत्र में चल रही पेयजल योजना का भी निरीक्षण किया। यह क्षेत्र प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर के कारण धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दियोटसिद्ध मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से जल की गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा, ताकि स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता हर्ष शर्मा और सहायक अभियंता रविंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने उपायुक्त को परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है और इन्हें समय पर पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बड़ी पेयजल परियोजनाएं न केवल लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में सुधार होता है।
बड़सर क्षेत्र में पेयजल की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में 137 करोड़ रुपये की इस योजना से हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, दियोटसिद्ध जैसे धार्मिक स्थलों पर बेहतर पेयजल व्यवस्था से पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, उपायुक्त द्वारा किया गया यह निरीक्षण विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
