पुरातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए मंडी जनपद के आराध्य बड़ा देव कमरूनाग ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026 के लिए प्रस्थान किया। कमरू घाटी के गोत गांव में स्थित भंडार से प्रातःकाल देव वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच बड़ा देव कमरूनाग जी का सूरज पख्खा धंग्यारा गलू स्थित परता स्थल (थड़ा) पर पहुंचा।
यहां कुछ समय विश्राम के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
🟦 9 दिवसीय पैदल यात्रा के बाद मंडी आगमन
बड़ा देव के पुजारी बोधराज ठाकुर ने बताया कि 9 दिन की पैदल यात्रा के उपरांत बड़ा देव कमरूनाग का स्वरूप सूरज पख्खा मंडी नगर पहुंचेगा। इस दौरान देव कमरूनाग जी विभिन्न क्षेत्रों में भक्तों को दर्शन देंगे। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को बड़ा देव मंडी शहर के समीप गुटकर में एक भक्त के घर रात्रि ठहराव करेंगे, जबकि 14 फरवरी को मंडी शहर के प्रवेश द्वार पुलघराट के समीप जिला प्रशासन और सर्व देवता कमेटी द्वारा उनका परंपरागत स्वागत किया जाएगा।
🟦 राज देवता माधोराय से महामिलन
मंडी पहुंचने पर बड़ा देव कमरूनाग का मंडी जनपद के अधिष्ठाता राज देवता राज माधोराय मंदिर में महामिलन होगा। यहां अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन द्वारा देवता का विधिवत स्वागत किया जाएगा। इसके पश्चात राज परिवार के पारंपरिक स्वागत के बाद बड़ा देव कमरूनाग टारना स्थित माता श्यामा काली मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे पूरे अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान विराजमान रहकर भक्तों को दर्शन देंगे। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के धार्मिक कारज बड़ा देव कमरूनाग के मंडी आगमन के साथ ही विधिवत आरंभ माने जाते हैं।
🟦 काहुली और नगाड़ा से गूंजी देवधुन
परंपरागत वाद्य यंत्रों की मधुर देवधुन के साथ बड़ा देव पूरे लाव-लश्कर के साथ राज माधोराय की नगरी के लिए रवाना हुए। चार काहुली, रियासतकालीन नगाड़ा, ढोल और धांस बजाते बजंतरी मंगलध्वनि करते आगे बढ़े। देव दल में पुजारी बोधराज ठाकुर, कटवाल चेत राम ठाकुर, पूर्व गूर सहित 28 देवलू शामिल हैं। यात्रा के दौरान पुलिस कर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के लिए साथ चल रहे हैं।
