सिरमौर में आयुष सेवाओं को किया जा रहा सुदृढ़

rakesh nandan

07/03/2026

सिरमौर में आयुष सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयास

सिरमौर जिले में आयुष सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. इंदु शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि जिले में आयुष विभाग को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


आयुष अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित

जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि जिले के प्रमुख आयुष अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

विशेष रूप से:

  • आयुष अस्पताल पांवटा साहिब

  • आयुष अस्पताल नाहन

इन दोनों अस्पतालों सहित जिले के सभी आयुष औषधालयों में मरीजों के उपचार के लिए दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी मरीज को दवा की कमी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।


आयुष पद्धति से किया जा रहा उपचार

डॉ. इंदु शर्मा ने बताया कि जिले के सभी आयुष औषधालयों में आयुष पद्धति के अनुसार मरीजों का उपचार किया जा रहा है। आयुष पद्धति में मुख्य रूप से आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां शामिल हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से विभिन्न रोगों का उपचार प्राकृतिक और पारंपरिक तरीके से किया जाता है।


चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण

उन्होंने बताया कि आयुष सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी आयुष चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के बेहतर उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई है। इससे मरीजों को बेहतर और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।


कर्मचारियों को भी दिया गया प्रशिक्षण

जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों के साथ-साथ आयुष औषधालयों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह कर्मचारी चिकित्सकों को मरीजों के उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सहयोग प्रदान करते हैं। उन्हें प्रशिक्षण देने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।


पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का बढ़ता महत्व

आयुष पद्धति भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के समय में लोग प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार के लिए आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। सरकार भी आयुष सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य कर रही है।


स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ

सिरमौर जिले में आयुष सेवाओं को मजबूत बनाने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा। मरीजों को नजदीकी आयुष औषधालयों में ही उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।