बड़सर के चकमोह में आयुष ग्राम कार्यक्रम आयोजित

rakesh nandan

24/03/2026

आयुष विभाग द्वारा बड़सर उपमंडल के गांव चकमोह में मंगलवार को आयुष ग्राम कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष ढटवालिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेश कुमार कालिया द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। इस अवसर पर उन्होंने विभाग की विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग प्रदेश में आयुर्वेद, योग, यूनानी और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

मुख्य अतिथि सुभाष ढटवालिया ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के आधुनिक समय में जहां लोग जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद और योग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग अब प्राकृतिक और पारंपरिक उपचार की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि ये न केवल रोगों का उपचार करते हैं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार आयुष विभाग के माध्यम से इन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान बहुविशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों का उपचार किया गया। इस शिविर में कुल 252 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इसके अलावा योग और प्राणायाम सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 लोगों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की एक विशेष आकर्षण पैरा सर्जिकल प्रोसीजर के माध्यम से किए गए उपचार रहे, जिससे कई मरीजों को तत्काल राहत मिली। इसके अतिरिक्त कपिंग थेरेपी के माध्यम से लगभग 30 रोगियों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया, जिससे लोगों में इस पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास और बढ़ा।

आयुष विभाग द्वारा कार्यक्रम के दौरान लगभग 600 औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। इन पौधों के माध्यम से लोगों को घर पर ही प्राकृतिक उपचार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। हर्बल गार्डन नेरी के प्रभारी डॉ. कमल भारद्वाज ने लोगों को विभिन्न औषधीय पौधों के उपयोग, उनकी देखभाल और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदेश गोयल, नोडल अधिकारी डॉ. विशाल भाटिया सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें डॉ. विजय, डॉ. प्रीति, डॉ. विपिन, डॉ. निरुपमा, डॉ. प्रशांत और डॉ. सविता शामिल रहे। इसके अलावा आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस आयोजन में स्वयं सेवक समूह के शुभम सोनी ने भी सराहनीय योगदान दिया। वहीं स्थानीय महिलाओं द्वारा लगाए गए उत्पादों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे, जहां उन्होंने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया।

यह आयुष ग्राम कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का माध्यम बना, बल्कि लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने का भी सशक्त मंच साबित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक उपचार पद्धतियों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विभागीय अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयुष ग्राम कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता पहुंचाई जा सके।