आयुर्वेद स्वस्थ जीवन की राह:धर्माणी

rakesh nandan

27/12/2025

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक जीवनशैली के कारण अनेक रोग उत्पन्न हो रहे हैं, ऐसे में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। वे जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के तलवाड़ा गांव स्थित व्यास विहार में आत्रेय आयुर्वेद पीठ आयुर्वेद वेलनेस पंचकर्म रिजॉर्ट के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र और प्राकृतिक शैली है। औषधीय पौधे न केवल शरीर को रोगमुक्त रखने में सहायक हैं, बल्कि मानसिक एवं आत्मिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राजेश धर्माणी ने कहा कि केरल की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी विशुद्ध आयुर्वेद आधारित आवासीय पंचकर्म केंद्रों की स्थापना से स्वास्थ्य पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है। ऐसे संस्थान स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे।

इस अवसर पर “शिवालिक क्षेत्र में औषधीय पौधे” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक संस्थान की प्रमुख आयुर्वेद चिकित्सक वैद्य नैंसी बन्याल द्वारा लिखी गई है, जिसमें शिवालिक क्षेत्र में पाए जाने वाले औषधीय पौधों का वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने पुस्तक को शोधार्थियों, किसानों और आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए उपयोगी बताया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तुलसी का पौधा रोपित किया तथा महिला मंडल तलवाड़ा को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 11 हजार रुपये और स्कूली बच्चों को 1100 रुपये देने की घोषणा की।

इससे पूर्व संस्थान के संस्थापक धनी राम वर्मा ने बताया कि यह पंचकर्म रिजॉर्ट विशुद्ध आयुर्वेद सिद्धांतों पर आधारित है, जहां 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी में पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। यहां पंचकर्म चिकित्सा, शमन चिकित्सा, योग, ध्यान और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से रोगियों का उपचार किया जाएगा।

कार्यक्रम में महिला मंडल एवं स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। इस अवसर पर सोनिका धर्माणी, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, पंचायत प्रतिनिधि, महिला एवं युवक मंडलों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।