दिव्यांग विवाह पर अब 2 लाख तक प्रोत्साहन

rakesh nandan

01/04/2026

Ramesh Bansal ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित असीम (A Scheme for Enabling, Empowering and Mainstreaming of the Specially Abled) योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों से विवाह करने पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में संशोधन किया गया है। यह कदम दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

उन्होंने बताया कि संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब दिव्यांगता की श्रेणी के आधार पर प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। यदि कोई व्यक्ति 40 प्रतिशत से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति से विवाह करता है, तो उसे 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, यदि विवाह 71 प्रतिशत से 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति से होता है, तो 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

यह संशोधन दिव्यांगजनों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा।

असीम योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दिव्यांगजन समाज में बराबरी के अधिकारों के साथ जीवन यापन कर सकें।

जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक और पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। आवेदन संबंधित जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय या तहसील स्तर के कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए लाभार्थी संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं। वहां उन्हें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं समाज में समानता और समावेशन को बढ़ावा देती हैं। इससे दिव्यांगजनों के प्रति भेदभाव कम होता है और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त होता है।

यह योजना उन परिवारों के लिए भी सहायक साबित हो सकती है, जो सामाजिक और आर्थिक कारणों से विवाह में कठिनाइयों का सामना करते हैं। प्रोत्साहन राशि से उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपना जीवन शुरू कर सकेंगे।

सरकार द्वारा इस योजना में किया गया संशोधन यह दर्शाता है कि प्रशासन दिव्यांगजनों के कल्याण के प्रति संवेदनशील है और उनके हित में निरंतर प्रयास कर रहा है।

कुल मिलाकर, असीम योजना के तहत बढ़ाई गई प्रोत्साहन राशि दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।