अश्वगंधा जागरूकता अभियान से किसानों को नया अवसर

rakesh nandan

20/03/2026

हिमाचल प्रदेश में औषधीय पौधों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। “अश्वगंधा: एक स्वास्थ्य-वर्द्धक औषधीय पौधा” परियोजना के तहत मंडी जिले में व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग (गोहर–गुडाहरी) द्वारा संचालित किया जा रहा है।

गांव-गांव पहुंचा अभियान

इस अभियान के तहत मंडी जिले के सदर क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य रूप से निम्न पंचायतों में गतिविधियां आयोजित की गईं:

  • तुंग

  • नसलोह

  • सेहली

  • सदयाणा

इन क्षेत्रों में लोगों को अश्वगंधा के पौधे और इससे संबंधित प्रचार सामग्री वितरित की गई।

वैज्ञानिकों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

अभियान से जुड़ी वैज्ञानिक एवं मुख्य अन्वेषक डॉ. यौर्मिला और डॉ. गरिमा ने स्थानीय लोगों को अश्वगंधा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अश्वगंधा एक अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग आयुर्वेद में सदियों से किया जा रहा है।

अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ

अश्वगंधा के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जैसे:

  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना

  • तनाव और चिंता को कम करना

  • ऊर्जा और शक्ति में वृद्धि करना

  • नींद में सुधार करना

इस कारण इसकी मांग देश और विदेश दोनों जगह तेजी से बढ़ रही है।

किसानों के लिए आय का नया स्रोत

वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि अश्वगंधा की खेती:

  • कम लागत में की जा सकती है

  • कम पानी में भी उगाई जा सकती है

  • बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है

इससे किसानों को अतिरिक्त आय का एक नया स्रोत मिल सकता है।

वैज्ञानिक खेती पर जोर

अभियान के दौरान किसानों को अश्वगंधा की वैज्ञानिक खेती के बारे में भी जानकारी दी गई।

उन्हें बताया गया कि:

  • सही बीज का चयन कैसे करें

  • मिट्टी और जलवायु की आवश्यकताएं

  • फसल की देखभाल कैसे करें

  • उत्पादन बढ़ाने के तरीके

संरक्षण और संवर्धन पर बल

अभियान का उद्देश्य केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन को भी बढ़ावा देना है। वैज्ञानिकों ने लोगों को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास औषधीय पौधों को उगाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

ग्रामीण विकास में योगदान

इस प्रकार के अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में:

  • रोजगार के अवसर बढ़ाते हैं

  • कृषि को विविधता प्रदान करते हैं

  • लोगों की आय में वृद्धि करते हैं

निष्कर्ष

मंडी जिले में चल रहा यह अश्वगंधा जागरूकता अभियान किसानों और आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। इससे न केवल लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिल रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर भी मिल रहा है। यदि इस दिशा में प्रयास जारी रहे, तो भविष्य में हिमाचल प्रदेश औषधीय पौधों की खेती में एक अग्रणी राज्य बन सकता है।