सशस्त्र सेना झंडा दिवस की पूर्व संध्या पर उपायुक्त अमरजीत सिंह और जिला के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न युद्धों एवं सैन्य अभियानों में शहीद या घायल हुए सैनिकों तथा उनके परिवारों की सहायता के लिए स्वैच्छिक अंशदान किया। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के उपनिदेशक, स्क्वाड्रन लीडर (सेवानिवृत्त) मनोज राणा ने उपायुक्त को सशस्त्र सेनाओं का प्रतीक झंडा लगाया और उनसे झंडा दिवस कोष के लिए राशि प्राप्त की। जिला के अन्य अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक अंशदान दिया।
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना के सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हर वर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस उन वीर सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया या गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने कहा कि झंडा दिवस पर विशेष झंडे लगाकर जो राशि एकत्रित की जाती है, वह शहीद परिवारों, अपंग सैनिकों के पुनर्वास, चिकित्सा सहायता और कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च की जाती है। यह योगदान पूरी तरह आयकर मुक्त होता है। उपायुक्त ने जिला के सभी नागरिकों से अपील की कि वे झंडा दिवस कोष में अधिक से अधिक अंशदान करें, जिससे सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को मजबूती मिल सके।
