मोदी सरकार के नए लेबर कोड श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: अनुराग सिंह ठाकुर

rakesh nandan

27/11/2025

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए चार लेबर कोड सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि देश के मेहनतकश श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने कहा कि भारत के श्रमिक देश के असली कर्णधार हैं और मोदी सरकार का लक्ष्य उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने वेतन संहिता (2019), औद्योगिक संबंध संहिता (2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020) और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य शर्त संहिता (2020) लागू करने का निर्णय लिया है।

हर श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा और समय पर वेतन मिलेगा

अनुराग ने कहा कि नए श्रम कानूनों का उद्देश्य श्रमिकों के हितों को सर्वोपरि रखना है। उन्होंने बताया कि ये संशोधन संगठित, असंगठित, गिग वर्कर्स सहित हर कामगार के जीवन को सुरक्षित, सम्मानित और स्थिर बनाएंगे। नए प्रावधान मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करेंगे और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेंगे।

कर्मचारियों के हित में बड़े सुधार

अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि नए लेबर कोड में कई महत्वपूर्ण सुधार शामिल हैं—

  • पक्के कर्मचारी जैसा हक

  • एक वर्ष में ग्रेच्युटी का प्रावधान

  • समय पर वेतन की गारंटी

  • नियुक्ति पत्र अनिवार्य

  • न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित

  • ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान

  • परिवार का दायरा बढ़ाया गया

  • लिंग आधारित भेदभाव खत्म, ट्रांसजेंडर को भी शामिल

  • मुफ्त हेल्थ चेकअप

  • इंस्पेक्टर राज का अंत

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का प्रयास है कि कार्यस्थल पर मजदूरों का शोषण पूरी तरह समाप्त हो, उन्हें समय पर भुगतान मिले और काम की जगह सुरक्षित हो। साथ ही उद्योगों को अनावश्यक कानूनी उलझनों से मुक्त कर ease of doing business को बढ़ावा दिया गया है।

नए भारत का श्रमिक—मजबूर नहीं, मजबूत

अनुराग ने कहा कि नए लेबर कोड भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि “नए भारत का श्रमिक मजबूर नहीं, मजबूत है। हमारे श्रमवीर अपनी ऊर्जा और योगदान से विकसित भारत के निर्माण को गति देंगे।”