वरिष्ठ भाजपा नेता अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की कार्यकुशलता से “सहकार से समृद्धि” अब केवल नारा नहीं, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचता विकास मॉडल बन चुका है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 सहकारी क्षेत्र को मजबूत और परिणामोन्मुख प्रोत्साहन प्रदान करता है। बजट में सहकारिता मंत्रालय को ₹1,744.74 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण के लिए ₹364 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे समितियां डिजिटाइज होकर कोर बैंकिंग सिस्टम, DBT प्लेटफॉर्म और कृषि बाजार पोर्टलों से जुड़ सकेंगी।
उन्होंने बताया कि IT हस्तक्षेपों के लिए ₹26 करोड़ का प्रावधान सहकारियों को पारदर्शी और दक्ष बनाएगा। PACS डिजिटाइजेशन से लेन-देन लागत घटेगी, ऋण अनुशासन सुधरेगा और किसानों को समय पर संस्थागत वित्त उपलब्ध होगा।
हिमाचल को होगा विशेष लाभ
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को बजट 2026–27 के सहकारी प्रावधानों से विशेष लाभ मिलेगा। राज्य में 5,792 सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनमें 2,307 PACS, 1,194 डेयरी सहकारियां और 78 मत्स्य सहकारियां शामिल हैं।
राष्ट्रीय PACS कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रम के तहत राज्य की 1,885 समितियों को स्वीकृति मिली है, जिनमें से 1,376 ERP पर ऑनबोर्ड हो चुकी हैं और 1,234 परिचालन में आ चुकी हैं। राज्य को ₹28.25 करोड़ जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को ₹500 करोड़ का अनुदान समर्थन तथा राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) के लिए ₹450 करोड़ का आवंटन हिमाचल के सेब, स्टोन फ्रूट्स और जैविक उत्पादों के निर्यात को नई दिशा देगा। कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण इकाइयों और लॉजिस्टिक्स में निवेश से किसानों की आय स्थिर होगी और स्थानीय रोजगार सृजित होगा।
उन्होंने कहा कि वित्त आयोग के तहत राज्यों को ₹1.4 लाख करोड़ का अनुदान ग्रामीण अधोसंरचना और आपदा लचीलापन को मजबूत करेगा, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ सहकारी ढांचे को मिलेगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि बजट 2026–27 सहकारिता क्षेत्र के लिए संरचनात्मक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करता है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।